नाहन : नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान के पास बागवानी विभाग के आउटलेट ‘हिम-कु’ (Himku) में जब आप कदम रखते हैं, तो आपका स्वागत एक ऐसी शख्सियत करती है जिनकी ऊर्जा और काम के प्रति समर्पण देखकर कोई भी दंग रह जाए। ये हैं 86 वर्षीय जे.पी. शर्मा, जो पिछले 23 वर्षों से अधिक समय से इस दुकान के माध्यम से शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण बागवानी उत्पाद लोगों तक पहुँचा रहे हैं।
23 वर्षों का अटूट सफर
जे.पी. शर्मा ने मई 2002 में बागवानी विभाग की इस दुकान का संचालन शुरू किया था। वर्तमान में इस दुकान का कॉन्ट्रैक्ट उनके बेटे के नाम पर है, जो व्यवसाय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लेकिन जे.पी. शर्मा जी का अनुशासन आज भी वैसा ही है जैसा दो दशक पहले था। 86 वर्ष की उम्र में भी वे प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे दुकान पहुँचते हैं और दोपहर 1:30 बजे तक अपनी सेवाएँ देते हैं।

शुद्धता और स्वाद की पहचान
इस केंद्र पर हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों से आए शुद्ध जूस, आचार, जैम, स्क्वैश (squash) और अन्य फल उत्पाद उपलब्ध हैं। शर्मा जी बताते हैं कि उनके यहाँ कई तरह के फलों के जूस और पारंपरिक आचारों की भारी मांग रहती है। ग्राहकों का उन पर अटूट विश्वास ही है कि 23 साल बाद भी वे उसी उत्साह के साथ यहाँ काम कर रहे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा और संदेश
शर्मा जी का मानना है कि आज के दौर में केवल सरकारी नौकरियों के भरोसे बैठना सही नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि: “आजकल सरकारी नौकरियाँ सीमित हैं, इसलिए युवाओं को स्वरोजगार (Self-employment) की ओर कदम बढ़ाने चाहिए। यदि आप नौकरी ही करना चाहते हैं, तो अपनी स्किल्स (Skills) को इतना बेहतर करें कि प्राइवेट सेक्टर में आपको बेहतरीन अवसर मिलें।”
नशे के खिलाफ सख्त संदेश
समाज में बढ़ते नशे के चलन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शर्मा जी ने युवाओं से अनुरोध किया कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें। उनका कहना है कि मेहनत और अनुशासन ही सफलता की असली कुंजी है। 86 साल की उम्र में उनकी सक्रियता खुद इस बात का प्रमाण है कि एक स्वस्थ जीवनशैली और कर्म के प्रति निष्ठा व्यक्ति को कभी बूढ़ा नहीं होने देती।