सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला की कंडाघाट तहसील के अंतर्गत आने वाले छोटे से गांव बिशा की बेटी बबीता शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धी पाई है। बबीता शर्मा पुत्री श्री राम लाल का चयन हंगरी सरकार की बेहद प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप के लिए हुआ है। इस स्कॉलरशिप के तहत वे यूरोप में उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगी।

बबीता शर्मा को हंगरी की मशहूर यूनिवर्सिटी ऑफ पैनोनिया में वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रम के लिए न केवल दाखिला मिला है, बल्कि पूरी छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई है। गौरतलब है कि हंगरी सरकार द्वारा दी जाने वाली यह स्कॉलरशिप दुनिया भर के चुनिंदा और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा और रिसर्च के बेहतरीन अवसर देने के लिए जानी जाती है।
बबीता शर्मा की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता से उनके परिवार, गांव बिशा और पूरे सोलन जिला में खुशी और जश्न का माहौल है। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और स्थानीय निवासियों ने बबीता की इस कामयाबी को प्रदेश के ग्रामीण युवाओं के लिए एक बेहद प्रेरणादायक मिसाल बताया है। उनकी इस सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर लगन और हौसला मजबूत हो, तो ग्रामीण पृष्ठभूमि या सीमित संसाधनों के बावजूद भी वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है।
बबीता शर्मा ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन और अपने शुभचिंतकों के निरंतर सहयोग को दिया है, जिनकी वजह से वह आज इस मुकाम तक पहुंच पाई हैं। उन्होंने भविष्य की योजनाओं को लेकर कहा कि वह अपने अनुसंधान के माध्यम से विज्ञान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने और समाज के कल्याण में अपना योगदान देने का हरसंभव प्रयास करेंगी। बबीता की इस शानदार उपलब्धि पर उनके परिवार और समस्त क्षेत्रवासियों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।