कुल्लू: हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ जिला कुल्लू का वार्षिक अधिवेशन स्थानीय बाल गोपाल भवन, कुल्लू में बड़े उत्साह और गरिमामयी माहौल में आयोजित किया गया। इस अधिवेशन में जिलेभर के विभिन्न विभागों से आए सैकड़ों कर्मचारी प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों की लंबित मांगों, सेवा संबंधी गंभीर समस्याओं तथा शिक्षकों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया।

हितेंद्र साहसी चुने गए जिला अध्यक्ष
अधिवेशन की मुख्य प्रक्रिया के दौरान सर्वसम्मति से हितेंद्र साहसी को हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ जिला कुल्लू का नया अध्यक्ष चुना गया। उनके अध्यक्ष निर्वाचित होने पर उपस्थित सभी कर्मचारी प्रतिनिधियों और महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें फूलमालाएं पहनाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्रतिनिधियों ने पूरी उम्मीद जताई कि उनके कुशल नेतृत्व में जिला कुल्लू के कर्मचारियों की समस्याओं को और अधिक मजबूती तथा एकजुटता के साथ उठाया जाएगा।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश ठाकुर, प्रदेश प्रेस सचिव पंकज शर्मा, जिला मंडी अध्यक्ष हेत राम शर्मा, मंडी जिला प्रभारी विजय कुमार तथा प्रिया ठाकुर सहित कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी और कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डीए और एरियर समेत कई वित्तीय मांगों पर सरकार से शीघ्र निर्णय की मांग
अधिवेशन में कर्मचारियों की लंबित वित्तीय एवं सेवा संबंधी मांगों को अत्यंत प्रमुखता के साथ उठाया गया। महासंघ ने प्रदेश सरकार के समक्ष मांग रखी कि कर्मचारियों की लंबित डीए (महंगाई भत्ते) की किस्तें जल्द जारी की जाएं, डीए एवं वेतन एरियर का भुगतान किया जाए तथा छठे वेतन आयोग के लंबित एरियर का शीघ्र निपटारा किया जाए।
इसके अतिरिक्त, बैठक में न्यूनतम वेतन में वृद्धि करने, 4-9-14 एसीपी (ACP) के लंबित वित्तीय लाभ प्रदान करने, विभिन्न विभागों में खाली पड़े रिक्त पदों को भरने, पदोन्नति से जुड़े लंबित मामलों का त्वरित समाधान करने तथा स्थानांतरण व अन्य सेवा संबंधी मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा करने की जोरदार मांग उठाई गई। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि कर्मचारियों को उनके अधिकार और वित्तीय लाभ समय पर मिलने चाहिए, तथा सरकार को कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
टीईटी (TET) प्रभावित शिक्षकों के मुद्दे पर उठाई आवाज
अधिवेशन के दौरान टीईटी प्रभावित शिक्षकों की समस्याओं को भी जोर-शोर से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से शिक्षा विभाग में समर्पित सेवाएं दे रहे टीईटी प्रभावित शिक्षकों की मुश्किलों का समाधान पूरी तरह मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए।
महासंघ ने सरकार के समक्ष मांग रखी कि पूर्व से नियुक्त एवं टीईटी से प्रभावित शिक्षकों के लिए एक विशेष टीईटी का आयोजन किया जाए, एचपीटीएट (HPTET) को एक निश्चित और नियमित अंतराल पर आयोजित किया जाए तथा केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) को भी हिमाचल प्रदेश में विधिवत मान्यता दी जाए। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों की सेवा अवधि, उनके कार्य अनुभव, शैक्षणिक योग्यता और वर्तमान सेवा स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
संगठन को मजबूत करने का आह्वान और संकल्प
कार्यक्रम के दौरान जिला स्तर पर संगठन को कुल्लू जिले के सभी विभागों और क्षेत्रों में और अधिक मजबूत करने तथा ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को जोड़ने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने दोहराया कि महासंघ कर्मचारियों की हर जायज मांग को सरकार और प्रशासन के समक्ष पूरी मुखरता से उठाता रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने नवनियुक्त जिला अध्यक्ष हितेंद्र साहसी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिला कुल्लू में महासंघ के विस्तार और कर्मचारियों की आवाज को प्रभावी रूप से बुलंद करने की जिम्मेदारी अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि महासंघ कर्मचारियों के साथ-साथ टीईटी प्रभावित शिक्षकों की मांगों को भी पूरी ताकत के साथ संबंधित मंचों पर उठाता रहेगा। अधिवेशन के अंत में सभी कर्मचारी प्रतिनिधियों ने संगठन को सुदृढ़ बनाने, कर्मचारियों के हितों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने और राष्ट्र हित, कर्मचारी हित के पवित्र सिद्धांत के साथ आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प लिया।