सोलन: उच्चतर शिक्षा विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा केन्द्रीय राज्य पुस्तकालय सोलन में ‘एडवोकेसी एंड आउटरीच कार्यक्रम’ का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग की प्रो. शालिनी लहितकर ने की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केन्द्रीय राज्य पुस्तकालय सोलन को एक आधुनिक, मॉड्यूलर और डिजिटल पुस्तकालय के रूप में अपग्रेड करना तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों और पुस्तकालय कर्मियों को आधुनिक डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूक करना था।

प्रो. शालिनी लहितकर ने डिजिटल युग में पुस्तकालयों के बदलते स्वरूप और समाज से उनके जुड़ाव में ‘एडवोकेसी एवं आउटरीच’ की उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने उपयोगकर्ता-केंद्रित डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने और पुस्तकालयों में उन्नत तकनीक को अपनाने पर बल दिया। वहीं, दीपांजन चटर्जी ने राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन के तहत बुनियादी ढांचे और तकनीकी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सोलन पुस्तकालय के आधुनिकीकरण प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल बनने से दुर्लभ पुस्तकों, ऐतिहासिक पांडुलिपियों और ज्ञान संसाधनों का बेहतर संरक्षण व आसान पहुंच संभव होगी।
केन्द्रीय राज्य पुस्तकालय के प्रभारी डॉ. राजेन्द्र कश्यप ने अतिथियों का स्वागत करते हुए पुस्तकालय के ऐतिहासिक महत्व और आगामी योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विभिन्न विषयों की हिंदी व अंग्रेजी पुस्तकों की एक विशेष पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई।
कार्यक्रम के समापन पर सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष संजीव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस दौरान उच्च शिक्षा विभाग की ओएसडी डॉ. रेणु राणा, मीना देवी, राजकीय महाविद्यालय सोलन की प्राचार्या डॉ. शालिनी, जिले के विभिन्न स्कूलों के पुस्तकालयाध्यक्ष तथा राजकीय कन्या, बाल व बी.एल. केन्द्रीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के लगभग 200 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।