सोलन: समाज में नैतिक मूल्यों के गिरते स्तर और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता को देखते हुए, गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मूल्य शिक्षा (Value Education) विषय पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (CBP) कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। CBSE द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर चिंता जताई कि आधुनिकता की दौड़ में जीवन मूल्यों में निरंतर गिरावट आ रही है। चूंकि विद्यार्थी ही राष्ट्र के भविष्य के आधार स्तंभ हैं, इसलिए उनमें नैतिकता, ईमानदारी और संवेदनशीलता का विकास करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यशाला का संचालन प्रतिष्ठित संसाधन व्यक्तियों (Resource Persons) सुश्री एरियन एवं सुश्री एकता दास द्वारा किया गया। उन्होंने अपने गहन अनुभव और प्रेरणादायक प्रस्तुति के माध्यम से शिक्षकों को मूल्य शिक्षा के महत्व को व्यवहारिक रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षकों ने विभिन्न समूह चर्चाओं, रोल-प्ले और विचार-विमर्श में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर नगर के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रधानाचार्य और शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती लखविंदर कौर अरोड़ा ने संसाधन व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल किताबी ज्ञान विद्यार्थी को पूर्ण नहीं बनाता। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का समावेश करना अनिवार्य है ताकि वे एक जिम्मेदार और संस्कारी नागरिक बन सकें। इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षकों को वह नई दृष्टि प्रदान करती हैं, जिससे वे समाज के नैतिक निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।
कार्यशाला का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा लिए गए एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। शिक्षकों ने यह प्रतिज्ञा की कि वे अपने दैनिक शिक्षण कार्य में मूल्यों को प्राथमिकता देंगे और विद्यार्थियों को न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए, बल्कि जीवन की चुनौतियों के लिए एक सशक्त और नैतिक व्यक्तित्व के रूप में तैयार करेंगे।