गुरुकुल स्कूल सोलन में ज्ञान, तर्क और पर्यावरण चेतना पर वादविवाद प्रतियोगिता आयोजित

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By Hills Post

सोलन: गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरणादायी समन्वय देखने को मिला। विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण, प्रभावी अभिव्यक्ति तथा तार्किक चिंतन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया, जिसमें नन्हे-मुन्नों से लेकर वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ बाल वाटिका से लेकर कक्षा दूसरी तक के नन्हे विद्यार्थियों द्वारा एक पेड़ विद्यालय के नाम गतिविधि के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण अभियान से हुआ। इन छोटे बच्चों ने पूरे उत्साह और आनंद के साथ पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपने कोमल प्रेम एवं जिम्मेदारी का परिचय दिया। इस अवसर पर शिक्षकों द्वारा बच्चों को समझाया गया कि आज उनके द्वारा लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य की स्वच्छ हवा, हरियाली और जीवन का मुख्य आधार है। नन्हे बच्चों ने भी पूरी निष्ठा के साथ यह संकल्प लिया कि वे इन पौधों की नियमित देखभाल करेंगे तथा अपने परिजनों व आसपास के लोगों को भी अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करेंगे।

इसके पश्चात, विद्यालय के वरिष्ठ छात्रों के बौद्धिक कौशल को परखने के लिए प्रतियोगिताओं का दौर शुरू हुआ। कक्षा 5वीं से 8वीं के विद्यार्थियों के लिए बढ़ेंगे पेड़, बढ़ेगी समृद्धि विषय पर एक अंतर-सदन भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यालय के चारों सदनों ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद के प्रतिभागियों ने अपनी ओजस्वी वाणी, प्रभावशाली प्रस्तुति तथा सारगर्भित विचारों के माध्यम से वृक्षों के महत्व और सस्टेनेबल डेवलपमेंट का सशक्त संदेश दिया। प्रत्येक प्रतिभागी की प्रस्तुति ने यह साबित किया कि युवा पीढ़ी पर्यावरण के प्रति न केवल जागरूक है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी तैयार है।

इसी कड़ी में, कक्षा 9वीं से 12वीं के वरिष्ठ विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत रोचक व समसामयिक विषय “क्या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने पारंपरिक आदर्श व्यक्तित्वों का स्थान ले लिया है?” पर डिबेट प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता के दौरान पक्ष और विपक्ष में बैठे प्रतिभागियों ने एक-दूसरे के सामने तथ्यपूर्ण, तार्किक एवं बेहद प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों के विद्यार्थियों ने न केवल निर्णायक मंडल द्वारा पूछे गए तीखे सवालों का आत्मविश्वास और सूझबूझ के साथ उत्तर दिया, बल्कि एक-दूसरे के तर्कों पर भी सार्थक प्रतिप्रश्न उठाकर अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता और उत्कृष्ट वाक्-कौशल का लोहा मनवाया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शित करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का सच्चा संकल्प है। प्रकृति को सबसे बड़ा शिक्षक बताते हुए उन्होंने सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधे की जिम्मेदारी अवश्य लें और उसे एक विशाल वृक्ष बनने तक स्नेह एवं संरक्षण दें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ज्ञान का प्रकाश समाज को नई दिशा देता है, उसी प्रकार एक वृक्ष संपूर्ण सृष्टि को जीवन प्रदान करता है। कार्यक्रम के समापन पर संपूर्ण विद्यालय परिवार ने “एक विद्यार्थी–एक पौधा, एक संकल्प–हरित भविष्य” का नारा दोहराते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने का संकल्प लिया।

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