टीबी मुक्त भारत के संकल्प के साथ एपीजी विश्वविद्यालय में विश्व क्षय रोग दिवस का आयोजन

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By Hills Post

शिमला: एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज द्वारा विश्व क्षय रोग दिवस 2026 (World Tuberculosis Day) के उपलक्ष्य में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी स्वास्थ्यकर्मियों और युवाओं को टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति संवेदनशील बनाना और समाज में इसके उन्मूलन के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आईजीएमसी (IGMC) शिमला के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग की प्रोफेसर डॉ. डिम्पल भगलानी उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने विशेष व्याख्यान में टीबी के लक्षणों, समय पर जांच की अनिवार्यता और उपलब्ध आधुनिक उपचार विधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. भगलानी ने ज़ोर देकर कहा कि टीबी का पूर्ण उपचार संभव है, बशर्ते मरीज़ बीच में दवा न छोड़े। उन्होंने इस लड़ाई में समाज और स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया।

विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के 98 छात्रों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। जागरूकता फैलाने के लिए कई रचनात्मक और बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सुनील ठाकुर, कुलसचिव डॉ. आर.एल. शर्मा, डीन एकेडमिक्स डॉ. आनंद मोहन और डीन डीएसडब्ल्यू डॉ. नीलम शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। एचओएस डॉ. मनींदर कौर, एचओडी डॉ. ललिता कौशल और एचओडी (फार्मेसी) श्री ललित कुमार सहित अन्य संकाय सदस्यों ने प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन किया और विजेताओं को सम्मानित किया।

यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के संचार कौशल को विकसित करने में सहायक रहा, बल्कि इसने उनमें समाज के प्रति स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारी की भावना को भी सुदृढ़ किया।

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