नाहन : दिल्ली में नीट और छात्रों के अधिकारों को लेकर चल रहे अनशन को अब देश के कोने-कोने से जनसमर्थन मिलने लगा है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के नाहन (सिरमौर) से वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री कुंजना सिंह भी इस आंदोलन को अपना समर्थन देने दिल्ली पहुंचीं। खास बात यह रही कि इस मौके पर उनकी दोनों बेटियां माधवी सिंह और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मंदाकिनी सिंह भी उनके साथ मौजूद रहीं।
आंदोलन स्थल पर पहुंचकर कुंजना सिंह और उनकी बेटियों ने अनशनकारियों का हौसला बढ़ाया और छात्रों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराया।

कांग्रेस नेत्री कुंजना सिंह ने नाहन सहित पूरे देश के लोगों से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से नाहन के शिक्षित और प्रबुद्ध वर्ग का आह्वान करते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ दिल्ली या कुछ छात्रों की नहीं है, बल्कि देश के पूरे शिक्षा तंत्र और युवाओं के सुनहरे भविष्य की है। मैं नाहन के सभी पढ़े-लिखे और जागरूक नागरिकों से अपील करती हूँ कि वे आगे आएं और इस आंदोलन का खुलकर समर्थन करें। जब देश का युवा और छात्र संकट में हो, तो समाज के प्रबुद्ध वर्ग को खामोश नहीं रहना चाहिए।
कुंजना सिंह की बेटी व सुप्रीम कोर्ट की वकील मंदाकिनी सिंह और उनकी दूसरी बेटी माधवी सिंह ने भी छात्रों के इस संघर्ष को वाजिब बताया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च शिक्षा संस्थानों की शुचिता बनाए रखने के लिए और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए यह आंदोलन बेहद जरूरी है और इसे हर स्तर पर कानूनी व नैतिक समर्थन मिलना चाहिए।
पहाड़ से उठी यह आवाज दिल्ली के आंदोलन को और मजबूती दे रही है। अब देखना यह होगा कि नाहन का प्रबुद्ध वर्ग इस अपील पर अपनी किस तरह की भागीदारी दर्ज कराता है।