नाहन नगर परिषद में प्रशासनिक संकट: EO के तबादले से शहर के विकास कार्य ठप, जनता बेहाल

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By पंकज जयसवाल

नाहन : ऐतिहासिक शहर नाहन की नगर परिषद इन दिनों गंभीर प्रशासनिक संकट और असमंजस के दौर से गुज़र रही है। पहले से ही कार्यकारी अधिकारी के लगभग एक महीने तक लंबी छुट्टी पर रहने के कारण नगर परिषद का कामकाज प्रभावित चल रहा था। वहीं अब सरकार द्वारा अचानक ईओ संजय कुमार का तबादला कांगड़ा जिले में कर दिए जाने से स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कांगड़ा में अपना नया पदभार संभाल भी कर लिया है। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था या नए अधिकारी की नियुक्ति के हुए इस तबादले ने नाहन शहर की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी से उतार दिया है।

पहले से ही अपने छोटे-बड़े कामों के लिए रोज़ दफ़्तर के चक्कर काट रहे शहरवासियों को उम्मीद थी कि छुट्टी से लौटने के बाद रुके हुए प्रशासनिक व विकास कार्यों में तेज़ी आएगी। लेकिन, इससे पहले कि कामकाज पटरी पर लौटता, उनके तबादले के आदेश जारी हो गए।

नगर परिषद नाहन

अधिकारी की अनुपस्थिति और अचानक हुए इस तबादले के चलते शहरवासियों को कई मोर्चों पर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा संकट मकान निर्माण के नक्शे पास कराने, बिजली-पानी के एनओसी और ट्रेड लाइसेंस हासिल करने में आ रहा है, जिससे जुड़ी दर्जनों फाइलें महीनों से दफ़्तर में धूल फांक रही हैं। इसके अलावा, बदलते मौसम के बीच शहर की सफाई व्यवस्था, आवारा पशुओं की समस्या और विभिन्न वार्डों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत की निगरानी करने वाला कोई नहीं बचा है, जिससे नागरिक सुविधाओं की स्थिति पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर, नगर परिषद के विभिन्न वार्डों में विकास योजनाओं के टेंडर, सड़कों-नालियों के निर्माण कार्य और सरकारी अनुदान से जुड़ी स्वीकृतियां भी अधर में लटक गई हैं।

नाहन के प्रबुद्ध नागरिकों और पार्षदों का कहना है कि नगर परिषद जैसे सीधे जन-सरोकार वाले संस्थान को बिना किसी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के छोड़ देना शहर की सरासर अनदेखी को दर्शाता है। यदि जल्द ही किसी स्थायी या पूर्णकालिक ईओ की तैनाती नहीं की गई, तो जनता के सब्र का बांध टूट सकता है।

शहर के व्यापार मंडल और स्थानीय निवासियों ने प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि नाहन नगर परिषद में तुरंत प्रभाव से एक कार्यकुशल कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की जाए या किसी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके और रुके हुए विकास कार्यों को रफ्तार दी जा सके।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।