नाहन : शहर के वाल्मीकि चौक पर शुक्रवार को गेट लगाने को लेकर दो गुटों के बीच उपजे विवाद ने तूल पकड़ लिया। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में दोनों गुटों के कई युवा और कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को काबू करने में जुटे ASP और एसएचओ थाना सदर भी इस झड़प में घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और पत्थरबाजी के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
इस तनावपूर्ण स्थिति को शांत करने के लिए इससे पहले स्थानीय पुलिस थाने में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मध्यस्थता में हुई इस बैठक में दोनों पक्षों से पाँच-पाँच प्रतिनिधि शामिल हुए, ताकि आपसी बातचीत के जरिए क्षेत्र में शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल कायम किया जा सके।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा के बाद एक आम सहमति बन गई थी। तय यह हुआ था कि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर गोविंदगढ़ की ओर से स्वागत किया जाएगा और विवादित गेट व चौक की मौजूदा स्थिति को फिलहाल यथावत (जैसी है वैसी ही) रखा जाएगा। इसके साथ ही प्रशासनिक चर्चा के दौरान यह बात भी सामने आई कि वाल्मीकि चौक और उक्त गेट दोनों के निर्माण या स्थापना के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई है।
हालाँकि, शांति समिति की बैठक में बनी यह आपसी सहमति और समझौते का संदेश धरातल पर मौके पर मौजूद लोगों तक पहुँच पाता, उससे पहले ही घटनास्थल पर स्थिति बिगड़ गई और पथराव की यह घटना सामने आ गई।
घटनाक्रम के बाद प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया है। इलाके में कानून-व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए बटालियन के 100 से ज्यादा जवान तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों द्वारा मौके के वीडियो और फुटेज की बारीकी से जाँच की जा रही है, ताकि संलिप्त उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और बुद्धिजीवियों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे अराजक और उपद्रवी तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा ताकि शहर का माहौल खराब न हो।