नाहन: जिला मुख्यालय नाहन में ‘विश्व रंगमंच दिवस’ के अवसर पर कला और सामाजिक सरोकारों का अनूठा संगम देखने को मिला। हिमजनक मंच, ज्ञान-विज्ञान समिति, वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति और आस्था वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जहां रंगमंच की विधा को सहेजने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया, वहीं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे और सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर जनता को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए वरिष्ठ रंगकर्मी नीरज गुप्ता ने दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने रंगमंच के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1961 में ‘इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट’ द्वारा विश्व रंगमंच दिवस की शुरुआत की गई थी। उन्होंने कहा कि सिनेमा के दौर में भी रंगमंच की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है, क्योंकि यह एक ऐसा माध्यम है जहाँ कलाकार और दर्शक के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (R.T.O.) सिरमौर के सौजन्य से प्रस्तुत किया गया नुक्कड़ नाटक रहा। “सावधानी हटी दुर्घटना घटी” शीर्षक वाले इस नाटक के जरिए हिमजनक मंच के कलाकारों ने सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी और बताया कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों ने कलाकारों के इस जीवंत अभिनय की जमकर सराहना की।
संस्था के अध्यक्ष के.एस. नेगी और आयोजक सिद्धार्थ नेगी ने बताया कि इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे जैसी बुराइयों से दूर कर रंगमंच और संस्कृति की ओर मोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं, ऐसे में रंगमंच उन्हें एक सकारात्मक मंच प्रदान कर सकता है।
समारोह के दौरान आस्था डी.एल.एड. (D.L.Ed.) की छात्राओं ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके पश्चात रंगमंच के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई स्थानीय कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नाहन की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और कला प्रेमी भारी संख्या में मौजूद रहे।