नौणी विश्वविद्यालय में वन रेंज अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न

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By Hills Post

सोलन: डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में हिमाचल प्रदेश वन विभाग के रेंज वन अधिकारी (RFO) प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। विश्वविद्यालय के ‘वृक्ष सुधार एवं आनुवंशिक संसाधन विभाग’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘बीज प्रसंस्करण एवं बीज परीक्षण’ था। 19 से 22 जनवरी तक चले इस कार्यक्रम में वन विभाग के 34 प्रशिक्षु अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्घाटन वानिकी महाविद्यालय के डीन डॉ. सी.एल. ठाकुर द्वारा किया गया था, जबकि डॉ. एच.पी. सांख्यान विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

चार दिनों तक चले इस गहन सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को वानिकी में उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में बीजों की पहचान, शुद्धता विश्लेषण, नमी परीक्षण, अंकुरण परीक्षण और बीज जनित रोगों के प्रबंधन जैसी उन्नत तकनीकों पर फोकस किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम को केवल सैद्धांतिक कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान पर विशेष जोर दिया गया। इसी कड़ी में प्रशिक्षुओं को विश्वविद्यालय की शिल्ली नर्सरी, बैम्बूसेटम (बांस उद्यान) और विभिन्न विभागों का भ्रमण करवाया गया ताकि वे क्षेत्र स्तर पर हो रहे कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।

बुधवार को आयोजित समापन समारोह में विश्वविद्यालय के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. डी.आर. भारद्वाज बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। उन्होंने अपने संबोधन में बांस और वन पुनर्जनन (Forest Regeneration) की बारीकियों पर प्रकाश डाला और भविष्य में वनों के संरक्षण में गुणवत्तापूर्ण बीजों की भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने सभी 34 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों का सफल संचालन डॉ. अनीता, डॉ. शिखा ठाकुर और डॉ. ललित ठाकुर द्वारा किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह प्रशिक्षण वन विभाग के अधिकारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाएगा और प्रदेश में वानिकी क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगा।

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