पच्छाद की सृष्टि शर्मा को मिलेगा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार, पूरे सिरमौर से इकलौती शिक्षक चयनित

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By पंकज जयसवाल

नाहन : हिमाचल प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026 के लिए ‘हिमाचल प्रदेश राज्य शिक्षक पुरस्कार’ की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस राज्य स्तरीय सम्मान सूची में सिरमौर जिले से इकलौती शिक्षक (पुरुष व महिला दोनों श्रेणियों में) के रूप में पच्छाद उपमंडल की राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेम नगर में तैनात जेबीटी अध्यापिका 29 वर्षीय शिक्षिका सृष्टि शर्मा (पुत्री राकेश शर्मा) को चुना गया है। प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में विशेष समर्पण, आधुनिक तकनीकों के समावेशन और उत्कृष्ट अध्यापन सेवाओं के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

वर्ष 2016 में जेबीटी का प्रशिक्षण पूर्ण कर शिक्षा क्षेत्र में कदम रखने वाली सृष्टि शर्मा अपनी असाधारण कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी जाती हैं। वह प्रतिदिन अपने गृह क्षेत्र सेर बड़ोल से लगभग 12 किलोमीटर का कठिन सफर तय करके पच्छाद के राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेम नगर पहुँचती हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद छात्रों के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और समर्पण को देखते हुए उन्हें बीते वर्ष भी उत्कृष्ट कार्यों के लिए विशेष रूप से सराहा जा चुका है।

सृष्टि शर्मा ने प्राथमिक स्तर के सरकारी स्कूल की पारंपरिक धारणा को बदलते हुए कई आधुनिक प्रयोग धरातल पर उतारे हैं। उन्होंने नौनिहालों को डिजिटल युग से जोड़ने के लिए आईसीटी तकनीकों के प्रयोग को बढ़ावा दिया तथा वोकेशनल एजुकेशन को प्राथमिक शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया। इसके साथ ही, सरकारी स्कूल में ड्रॉपआउट रोकने और बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए उन्होंने स्वयं घर-घर जाकर विशेष ‘नामांकन अभियान’ चलाया।

सामाजिक और भावनात्मक बदलाव लाते हुए उन्होंने अपने व्यक्तिगत खर्च से स्कूल के सभी जरूरतमंद बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म ब्लेज़र भेंट किए। इसके अलावा, कॉन्वेंट व निजी स्कूलों की तर्ज पर बच्चों के लिए हाउस टी-शर्ट, पेन्ट की शुरुआत की और छात्र-छात्राओं में समानता का भाव विकसित करने के उद्देश्य से दोनों के लिए एक समान यूनिफॉर्म लागू की। विद्यालय का संपूर्ण कायाकल्प करने के पश्चात, अब वह प्राथमिक स्कूल में एक हाई-टेक ‘डिजिटल लाइब्रेरी’ स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।

सिरमौर जिले के पच्छाद उपमंडल के बड़ोल गांव में राकेश और अनीता शर्मा के घर एक जुलाई 1997 को जन्मी सृष्टि शर्मा को शिक्षण के संस्कार परिवार से ही मिले। उनके पिता सोलन के सुल्तानपुर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में संस्कृत विषय के लेक्चरर हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। सृष्टि ने दसवीं की परीक्षा डीएवी कुमारहट्टी से 92 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद सुल्तानपुर से 83 प्रतिशत अंकों के साथ जमा दो की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2016 में डाइट सोलन से 84 प्रतिशत अंकों के साथ जेबीटी प्रशिक्षण हासिल करने के बाद वर्ष 2019 में शिक्षा विभाग में नियुक्ति पाई और कम उम्र में शिक्षण सेवा शुरू करने वाली शिक्षिकाओं में अपनी पहचान बनाई।

उन्होंने अपनी पढ़ाई को यहीं नहीं रोका और इग्नू से स्नातक, अंग्रेजी में परास्नातक तथा बी.एड. की शिक्षा भी पूरी की। सृष्टि अपने शैक्षणिक करियर में उत्कृष्टता का उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। परिवार में उनके बड़े भाई शुभम शर्मा भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और वर्तमान में भौतिक विज्ञान में पीएचडी कर रहे हैं।

सृष्टि शर्मा को पूरे सिरमौर जिले से एकमात्र शिक्षक के रूप में चयनित किए जाने की खबर मिलते ही पच्छाद क्षेत्र और उनके गृह गांव सेर बड़ोल में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों, स्कूल प्रबंधन समिति और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है। अपनी इस उपलब्धि पर अध्यापिका सृष्टि शर्मा ने बेहद खुशी जताते हुए प्रदेश सरकार, शिक्षा विभाग, अपने उच्च अधिकारियों, सहयोगियों और बच्चों के अभिभावकों का सहृदय धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में प्राथमिक शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए और अधिक ऊर्जा देगा।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।