नाहन : हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में वन विभाग की टीम ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर मॉनिटर लिज़र्ड (गोह) का शिकार करने और उसकी तस्करी में शामिल तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मृत और एक जीवित गोह बरामद की गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वन विभाग के अधिकारियों को पहले ही गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार की कोई संदिग्ध गतिविधि हो सकती है। इसी पूर्व सूचना के आधार पर एसीएफ आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में वन विभाग की टीम ने आज शाम लगभग 5:00 बजे राजबन के पास नाकाबंदी की।

इसी दौरान बाइक पर सवार तीन संदिग्ध लोग वहां से गुजरे, जिनके पास एक सफेद रंग का पालतू कुत्ता भी था। शक के आधार पर जब टीम ने उनकी बाइक को रोका और तलाशी ली, तो उनके पास मौजूद एक कट्टे से 4 गोह पाए गए। इनमें से 3 गोह मृत अवस्था में थे, जबकि 1 अभी भी जीवित था। वन विभाग की टीम ने तुरंत चारों जीवों को अपने कब्जे में ले लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ और कार्रवाई के लिए रेंज ऑफिस ले आई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों पहचान गुज़र (निवासी कुंजा मत्रालियों), गोल्डी (निवासी कुंजा मत्रालियों) और अंजा (निवासी अंबाला) के रूप में हुई है।
आमतौर पर खबरों में आने वाले मामलों के अनुसार, गोह (मॉनिटर लिज़र्ड) का अवैध शिकार मुख्य रूप से इसके मांस और इसके शरीर से निकलने वाले तेल के लिए किया जाता है। इसके अलावा, सबसे गंभीर और चिंताजनक बात यह है कि इसके अंगों से ‘हत्था जोड़ी’ नामक एक चीज बनाई जाती है। तांत्रिक क्रियाओं, अंधविश्वास और भाग्य चमकाने के दावों के चलते इसे चोरी-छिपे बाजारों में बहुत ऊंचे और महंगे दामों पर बेचा जाता है, जिसके कारण इन बेजुबान जीवों की बड़े पैमाने पर तस्करी होती है।
मामले की पुष्टि करते हुए एसीएफ आदित्य शर्मा ने बताया कि भारत में मॉनिटर लिज़र्ड को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी सुरक्षा प्राप्त है। इसका शिकार करना, इसे किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाना या इसकी तस्करी करना एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है, जिसके लिए कानून में भारी जुर्माना और जेल की सख्त सजा का प्रावधान है।
उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में वनों और वन्यजीवों के अवैध शिकार व तस्करी के खिलाफ वन विभाग का यह सख्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।