पालमपुर: चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में अखिल भारतीय समन्वित बकरी सुधार परियोजना (गद्दी क्षेत्र इकाई) के अंतर्गत चारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गद्दी नस्ल की बकरियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले पौष्टिक हरे चारे की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा क्षेत्र में टिकाऊ पशुपालन को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय के पशुधन फार्म परिसर में 20 चारा वृक्ष रोपे गए। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. (मेजर सेवानिवृत्त) अवनिंदर कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पंकज सूद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों और वक्ताओं ने बदलती जलवायु परिस्थितियों में पशुधन के लिए चारे की सुरक्षा सुनिश्चित करने में चारा वृक्षों की उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि चारा वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के साथ-साथ पशुपालकों की आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने देशी गद्दी बकरी नस्ल के संरक्षण, आनुवंशिक सुधार और चारा संसाधनों के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर पशु आनुवंशिकी एवं प्रजनन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष वर्मा, पशुधन फार्म परिसर के विभागाध्यक्ष डॉ. एस. कटोच, परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. निशांत वर्मा, डॉ. राकेश ठाकुर, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. प्रवीण शर्मा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।