धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUHP) का 9वां दीक्षांत समारोह शनिवार को धर्मशाला में भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने मेधावी विद्यार्थियों को डिग्रियां और पदक प्रदान किए। समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

अपने संबोधन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने भारतीय शिक्षा परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षा का उद्देश्य सदैव ज्ञान, मूल्यों और चरित्र निर्माण का समन्वय रहा है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा का उपयोग केवल व्यक्तिगत उन्नति के लिए न कर, राष्ट्र और समाज के कल्याण के लिए भी करें। राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का प्रतीक है।
समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के कुल 511 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। राज्यपाल ने विशेष रूप से स्वर्ण पदक विजेताओं की सराहना करते हुए कहा कि कुल 32 स्वर्ण पदकों में से 23 पदक छात्राओं ने हासिल किए हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ संकल्प की वास्तविक सफलता बताया और कहा कि बेटियां आज अनुसंधान और नवाचार में देश का नेतृत्व कर रही हैं।
राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कौशल-आधारित पाठ्यक्रम और समावेशी शिक्षा भविष्य के भारत की नींव हैं। साथ ही, उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा पर 34 कृतियों के प्रकाशन और डोगरी व पंजाबी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में पुस्तकों के अनुवाद के लिए विश्वविद्यालय को बधाई दी। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
इस ऐतिहासिक समारोह में हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, सांसद अनुराग ठाकुर और राजीव भारद्वाज भी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरमोहिंदर सिंह बेदी और कुलपति सत प्रकाश बंसल ने अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों का ब्यौरा साझा किया।