सोलन: भविष्य की तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के लगातार बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, योगानंद स्कूल ऑफ एआई, कंप्यूटर्स एंड डेटा साइंसेज ने बाइटएक्सएल (ByteXL) के विशेष सहयोग से एक व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया। जनरेटिव एआई पर एक व्यावहारिक कार्यशाला: निर्माण, सृजन और स्वचालन विषय पर आधारित इस इंटरैक्टिव कार्यशाला में विभिन्न विषयों के छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और नई तकनीक की बारीकियां सीखी।

इस कार्यशाला का संचालन बाइटएक्सएल के विशेषज्ञ डॉ. शमनेश शर्मा ने किया। उन्होंने जनरेटिव एआई और ऑटोमेशन (स्वचालन) के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र पर एक बेहद ज्ञानवर्धक सत्र प्रस्तुत किया। इस दौरान छात्रों को चैटजीपीटी (ChatGPT), गूगल जेमिनी (Google Gemini), परप्लेक्सिटी, माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट, नोटबुक एलएम, जैपियर और एन8एन (n8n) जैसे कई अत्याधुनिक एआई उपकरणों से विस्तार से परिचित कराया गया। लाइव प्रदर्शन और व्यावहारिक अभ्यासों के जरिए प्रतिभागियों ने अपने विचारों को स्मार्ट समाधानों में, प्रॉम्प्ट्स (Prompts) को बेहतरीन उत्पादकता में और अवधारणाओं को स्वचालित कार्यप्रवाह (Automated Workflows) में बदलना सीखा।
इस इंटरैक्टिव सत्र के दौरान छात्रों ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई-संचालित अनुसंधान, सामग्री निर्माण (Content Creation) और वर्कफ्लो ऑटोमेशन में सीधा व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इसके साथ ही व्यापार, मीडिया, अनुसंधान और डेटा प्रबंधन में जनरेटिव एआई के वास्तविक उपयोग पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
योगानंद स्कूल ऑफ एआई के प्रमुख डॉ. पंकज वैद्य ने इस आयोजन के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि इस तरह की उद्योग-उन्मुख कार्यशालाएं किताबी शिक्षा और पेशेवर बाजार की जरूरतों के बीच की खाई को पाटने का काम करती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यक्रम छात्रों को उभरती हुई नई तकनीकों से जोड़ने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में बेहतरीन करियर के अवसर तलाशने के लिए पूरी तरह से तैयार करेगा।