नाहन : सिरमौर जिले के राजगढ़ उपमंडल के दूर-दराज क्षेत्र नाणू बगोडिया में भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में लोक संस्कृति, साहित्य और राष्ट्रीय एकता की त्रिवेणी देखने को मिली। समारोह में पच्छाद की विधायक रीना कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि समापन समारोह की अध्यक्षता एसडीएम राजगढ़ राज कुमार ठाकुर ने की।
लोक संस्कृति कला मंच नाणू बगोडिया द्वारा आयोजित इस समारोह का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत उपस्थित अतिथियों व ग्रामीणों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। तत्पश्चात पूरा प्रांगण सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ के गायन से देशभक्ति के रंगों में रंग गया।

समारोह को संबोधित करते हुए पच्छाद की विधायक रीना कश्यप ने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र निर्माण, एकता और अखंडता में दिए ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता के लिए जो योगदान दिया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर एक मजबूत और अखंड भारत की नींव रखी। आज उनकी 150वीं जयंती पर हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश की एकता, भाईचारे और विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लेना चाहिए। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी लोक परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।”
कार्यक्रम के दौरान आयोजक समिति की ओर से मुख्य अतिथि रीना कश्यप को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक ने क्षेत्र की धार्मिक आस्था के केंद्र ‘गुरु स्थान झड़ा जी’ के विकास के लिए 2 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की।
समारोह का मुख्य आकर्षण सिरमौरी नाटी की शानदार प्रस्तुति रही। लोक संस्कृति के इस रंग में विधायक रीना कश्यप भी खुद को रोक नहीं पाईं और स्थानीय लोक कलाकारों के साथ हाथ से हाथ मिलाकर परंपरागत नाटी में शामिल हुईं।
समारोह के प्रमुख सत्र की अध्यक्षता देश के वरिष्ठ लोक कलाकार एवं साहित्यकार पद्मश्री विद्यानंद सरेक ने की। उन्होंने हिमाचली लोक संस्कृति, रीति-रिवाजों और पारंपरिक खान-पान को सहेजने की आवश्यकता पर जोर देते हुए युवा पीढ़ी से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
दिनभर चले इस आयोजन में सुप्रसिद्ध विद्वान देवेंद्र शास्त्री, नगर पंचायत राजगढ़ के अध्यक्ष विक्रम जैलदार, उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, कवि प्रेमपाल आर्य तथा राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित एवं विश्व रिकॉर्डधारी कलाकार डॉ. जोगिंदर हाब्बी सहित कई प्रमुख साहित्यकार व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों और विशिष्ट प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
दिनभर चले सांस्कृतिक सत्र में लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा, वहीं कवि सम्मेलन में देश और संस्कृति से जुड़ी कविताओं ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। संस्था के संस्थापक चंद्र मोहन ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य ध्येय ग्रामीण क्षेत्रों की लोक परंपराओं और साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
समापन अवसर पर एसडीएम राजगढ़ राज कुमार ठाकुर ने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “नाणू बगोडिया में आयोजित यह कार्यक्रम हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और साहित्य को सहेजने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय प्रयास है। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ स्थानीय लोक संस्कृति को मंच प्रदान करना विशेष महत्व रखता है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।”
सरदार पटेल को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए संपन्न हुआ यह समारोह न केवल देश की अखंडता का संदेश दे गया, बल्कि हिमाचल की समृद्ध लोक कला और साहित्य के संरक्षण की दिशा में भी एक अविस्मरणीय अध्याय बन गया।