सोलन: विधि अध्ययन एवं अनुसंधान विद्यालय द्वारा छात्रों में व्यावहारिक विधिक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से एक भव्य मूट कोर्ट प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। विधि विभागाध्यक्ष डॉ. भावना वर्मा के कुशल मार्गदर्शन और संकाय सदस्यों के सहयोग से संपन्न हुई इस प्रतियोगिता में 40 से अधिक विधि छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य छात्रों के भीतर वकालत के गुर, कानूनी अनुसंधान क्षमता, ड्राफ्टिंग कौशल और न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण की दक्षता को निखारना था।

इस वर्ष की मूट समस्या का मुख्य विषय विकलांग व्यक्तियों के विवाह का अधिकार रखा गया था, जो समाज के एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे को छूता है। इस विषय के माध्यम से भावी वकीलों ने संवैधानिक अधिकारों, समानता, मानवीय गरिमा और दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध कानूनी संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने सारगर्भित तर्क प्रस्तुत किए।
प्रतिभागियों ने याचिकाकर्ता और प्रतिवादी, दोनों पक्षों की ओर से जिरह करते हुए प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखी। इस दौरान छात्रों ने अपनी सशक्त विधिक तर्कशक्ति, गहन अध्ययन और उत्कृष्ट न्यायालयीन शिष्टाचार का बेहतरीन प्रदर्शन किया, जो उनके लिए अपने किताबी ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू करने का एक शानदार अवसर साबित हुआ।
आयोजकों के अनुसार, इस कड़ी प्रतिस्पर्धा का अंतिम चरण जाने-माने अधिवक्ता अभिनव नैन्ता द्वारा संचालित किया जाएगा। वे न केवल प्रतियोगिता के इस चरण की अध्यक्षता करेंगे, बल्कि भविष्य के इन वकीलों को व्यावसायिक मार्गदर्शन और अपने मूल्यवान सुझाव भी प्रदान करेंगे। कुल मिलाकर यह मूट कोर्ट आयोजन न केवल छात्रों के व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करने में पूरी तरह सफल रहा, बल्कि इसने समाज में दिव्यांगजनों के अधिकारों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।