नाहन : नगर एवं ग्राम योजना विभाग, जिला सिरमौर द्वारा ग्राम पंचायत शिलाई, जिसे हाल ही में शहरी विकास विभाग द्वारा नगर पंचायत का दर्जा प्रदान किया गया है—के पंचायत भवन सभागार में जनजागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम शिलाई जसपाल ने की।
इस अवसर पर नगर एवं ग्राम योजनाकार करम चन्द नान्टा ने टीसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) की आवश्यकता एवं महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुनियोजित विकास से ग्राम व शहर का समुचित स्वरूप तैयार होता है। प्लॉट का सही आकार और मकान के चारों ओर निर्धारित सेट-बैक छोड़ने से नमी, सीलन व बीमारियों से बचाव होता है, साथ ही उचित रोशनी, वेंटिलेशन, अग्नि सुरक्षा, पार्किंग सुविधा, स्वच्छ वातावरण तथा सर्विस लाइनों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होता है।

करम चन्द नान्टा ने बताया कि सीमित मंजिला भवन निर्माण से भूकंप व अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जान-माल की क्षति कम होती है। मकान के भीतर पार्किंग की व्यवस्था होने से सड़कों पर यातायात सुचारू रहता है और वाहनों को नुकसान व चोरी से भी बचाया जा सकता है।
बैठक में अपार्टमेंट एवं रेरा (RERA) विनियमों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि सरकार द्वारा अगस्त 2025 में जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश में किसी भी निर्माण से पूर्व 1000 वर्ग मीटर से अधिक प्लॉट क्षेत्रफल के लिए टीसीपी विभाग की स्वीकृति अनिवार्य कर दी गई है।
एसडीएम शिलाई जसपाल ने भी जनता को सुनियोजित शहरी विकास के लाभों के बारे में जागरूक करते हुए नियमों का पालन करने का आह्वान किया।
बैठक में तहसीलदार शिलाई किरण चौहान, नाया ग्राम पंचायत के प्रधान, वार्ड सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर योजना अधिकारी राजेन्द्र सिंह, कनिष्ठ अभियंता राजीव चौहान तथा सूरज तोमर भी उपस्थित रहे।