शूलिनी में छात्रों ने पेश किए कैंसर की हर्बल दवा से लेकर AI आधारित हेल्थ-केयर सॉल्यूशंस

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By Hills Post

सोलन: नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शूलिनी विश्वविद्यालय के फार्मास्युटिकल साइंसेज स्कूल ने EYUVA सेंटर और iHUB शूलिनी के सहयोग से ‘आइडियाथॉन 2K26’ का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों के छात्रों ने स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स और सतत विकास के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले अपने अभिनव विचारों को प्रस्तुत किया।

इस आइडियाथॉन की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न विभागों का समन्वय रहा। फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी, बायोइंजीनियरिंग, बीसीए और माइक्रोबायोलॉजी के छात्रों ने एक साझा मंच पर आकर आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए अपने विज़न साझा किए। छात्रों ने पौधों से प्राप्त दवाओं और नैनोकणों (Nanoparticles) के माध्यम से कैंसर के उपचार की अवधारणा पेश की। दवा ट्रैकिंग और रोगियों द्वारा समय पर दवा लेने (Patient Compliance) को सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट ऐप्स के मॉडल दिखाए गए।

फार्मास्युटिकल साइंसेज संकाय के डीन और ई-युवा केंद्र के मुख्य समन्वयक प्रोफेसर दीपक कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल विचार होना पर्याप्त नहीं है, छात्रों को इन विचारों को सार्थक समाधानों में बदलने की दिशा में काम करना चाहिए। रचनात्मकता, उद्यमिता और विभिन्न विषयों का आपसी सहयोग ही भविष्य की चुनौतियों का उत्तर है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पी. के. खोसला ने आयोजन टीम को बधाई देते हुए छात्रों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने शोध-आधारित विचारों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों (Real-world applications) में बदलना चाहिए, जिससे समाज को व्यापक रूप से लाभ मिल सके।

योगानंद स्कूल ऑफ एआई, कंप्यूटर्स एंड डेटा साइंसेज के छात्रों ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भविष्य की स्वास्थ्य सेवा डेटा साइंस और बायोटेक्नोलॉजी के एकीकरण पर टिकी है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अभिषेक सिंह ने सभी टीमों, सलाहकारों और गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आइडियाथॉन 2K26 को एक भव्य सफलता करार देते हुए कहा कि ऐसे मंच छात्रों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं।

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