नाहन : 108 एम्बुलेंस सेवा की तत्परता और कर्मचारियों की कार्यकुशलता ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। एम्बुलेंस नंबर HP-63-B-4684 में तैनात सुनील दत्त (EMT) और प्रदीप चौहान (पायलट) ने रास्ते में ही एक गर्भवती महिला का सफल प्रसव करवा कर माँ और नवजात की जान बचाई।
जानकारी के अनुसार, आज सुबह 09:32 बजे शिलाई अस्पताल से दायाँ गांव, शिलाई निवासी 26 वर्षीय रवीना को रेफर किया गया था। यह महिला दूसरी बार गर्भवती थी और गर्भ में बच्चा उल्टा (ब्रीच पोज़ीशन) होने के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई थी।

महिला को शिलाई से पांवटा साहिब ले जाया जा रहा था। इसी दौरान जैसे ही एम्बुलेंस राजबन और गोंदपुर क्षेत्र के बीच पहुंची, महिला को अचानक तेज़ प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए EMT सुनील दत्त ने बिना समय गंवाए आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रिया शुरू की।
करीब 12:01 बजे दोपहर EMT सुनील दत्त और पायलट प्रदीप चौहान की सूझबूझ, प्रशिक्षण और टीमवर्क से चलती एम्बुलेंस में ही सफल डिलीवरी करवाई गई। जटिल स्थिति के बावजूद महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया और माँ-बच्चा दोनों सुरक्षित रहे।
सफल प्रसव के बाद महिला और नवजात को सुरक्षित रूप से सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों की हालत सामान्य और सुरक्षित बताई।
डिलीवरी के बाद महिला के पति और सास ने 108 एम्बुलेंस सेवा, EMT सुनील दत्त और पायलट प्रदीप चौहान का दिल से धन्यवाद किया और कहा कि समय पर सही निर्णय और साहसिक प्रयासों से उनकी बहू और नवजात की जान बच पाई।
जहां एक ओर 108 एम्बुलेंस कर्मी जान जोखिम में डालकर ऐसी सेवाएं दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई कर्मचारियों को समय पर और पूरा वेतन न मिलना एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और संबंधित एजेंसियों को ऐसे कर्मियों की समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए, ताकि वे बिना आर्थिक तनाव के जनता की सेवा कर सकें।