नाहन : सिरमौर जिले के लिए खेल जगत से एक बेहद गौरवमयी खबर सामने आई है। सिरमौर के धर्मेंद्र चौधरी ने अमेरिकन फुटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFFI) के अंतर्गत आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर न केवल अपना, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। धर्मेंद्र चौधरी ने ‘फ्लैग फुटबॉल रेफरी/कोच L-1 सर्टिफिकेशन क्लिनिक’ को सफलतापूर्वक पूरा कर प्रदेश के पहले L-1 प्रमाणित रेफरी एवं कोच बनने का ऐतिहासिक गौरव हासिल किया है।
यह दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम हरियाणा के करनाल स्थित द ब्रह्मानंद अकादमी में आयोजित किया गया था। इस क्लिनिक में देशभर से आए खेल प्रेमियों और प्रशिक्षकों ने भाग लिया। यहाँ धर्मेंद्र चौधरी को खेल के अंतरराष्ट्रीय नियमों, रेफरिंग की बारीक तकनीक, कोचिंग के सिद्धांतों, मैच प्रबंधन और फ्लैग फुटबॉल के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने प्रशिक्षकों और सहयोगियों को देते हुए धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि यह उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य लक्ष्य केवल एक प्रमाण पत्र हासिल करना नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के सुदूर गांवों तक अमेरिकन फ्लैग फुटबॉल को पहुंचाना है। वे चाहते हैं कि सिरमौर सहित पूरे प्रदेश के युवाओं को इस खेल से जोड़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, कोच और रेफरी तैयार किए जाएं।
धर्मेंद्र चौधरी (जो कि एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी भी हैं) की इस सफलता पर खेल जगत की प्रमुख हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। अमेरिकन फ्लैग फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण गोयल, सदस्य सुधीर रूबी, सुखविंदर चौधरी, नवप्रीत, पवन चौधरी तथा आर.आर. स्पोर्ट्स के संचालक राहुल रमोल ने उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि धर्मेंद्र चौधरी की यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश में अमेरिकन फ्लैग फुटबॉल के विकास को एक नई गति देगी। सिरमौर से शुरू हुआ यह सफर राज्य के युवाओं के लिए आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसरों के द्वार खोलेगा। धर्मेंद्र चौधरी का यह प्रयास निश्चित रूप से प्रदेश के खेल परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ेगा।