नाहन : सिरमौर जिला के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला जासवी में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूल में जब बच्चे रोज की तरह पढ़ाई कर रहे थे, तभी अचानक कक्षा की छत का प्लास्टर भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे के गिरते ही क्लास में चीख-पुकार मच गई और मासूम बच्चे दहशत में आ गए। राहत की बात यह रही कि प्लास्टर बच्चों के ऊपर नहीं गिरा, जिससे किसी को चोट नहीं आई, अन्यथा यह एक बड़ी त्रासदी बन सकती थी।
इस घटना ने शिक्षा विभाग और स्कूल भवनों की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। स्कूल की खस्ताहाल हालत को देखकर अभिभावकों में भारी गुस्सा है। परिजनों का कहना है कि वे अपने बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, न कि मौत के साए में बैठने के लिए।

हादसे की सूचना मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) भी आक्रामक मुद्रा में आ गई है। संगठन के कार्यकर्ता मनीष बिरसान्टा ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बड़ी लापरवाही करार दिया। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों में बच्चों को बिठाना उनकी जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता मनीष बिरसान्टा ने प्रशासन के समक्ष कड़ी मांग रखते हुए कहा कि जिले के भीतर जितने भी जर्जर स्कूल भवन हैं, उनका अविलंब निरीक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन इमारतों की हालत खस्ता है, वहां बिना किसी देरी के विशेष बजट आवंटित कर मरम्मत कार्य शुरू किया जाए ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
मनीष बिरसान्टा ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी पुरानी शिक्षण संस्थाओं की इमारतों का ‘सेफ्टी ऑडिट’ अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं है और प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर इन स्कूलों की सुध लेनी चाहिए।
ABVP ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते स्कूलों की सुध नहीं ली और भवनों को दुरुस्त नहीं किया, तो संगठन छात्रों और जनता को लामबंद कर सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में होने वाली किसी भी अनहोनी की पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।