नाहन : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी संपत्ति, बुनियादी ढांचे और पशुधन को भारी नुकसान पहुँचा है। इसी बीच दोपहर करीब 5:00 बजे जिला आपदा प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट के साथ-साथ खुद डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने स्थिति का पूरा ब्यौरा देते हुए बताया कि जिला में लगातार हो रही बारिश से सड़कों, बिजली और पेयजल व्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है।
डिप्टी कमिश्नर प्रियंका वर्मा के अनुसार, इस मानसून सीजन की भारी वर्षा के कारण जिले में वर्तमान में कुल 34 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं। सड़कों के टूटने, डंगे ढहने और उन पर भारी मलबा आ जाने की वजह से लोक निर्माण विभाग (HPPWD) को प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 87 लाख रुपये की भारी चपत लगी है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे गंभीर असर शिलाई डिवीजन में देखने को मिला है, जहां सबसे अधिक 21 सड़कें अवरुद्ध पड़ी हैं। इसके अलावा संगड़ाह डिवीजन में 08 सड़कें, जिला मुख्यालय नाहन डिवीजन में 06 सड़कें और राजगढ़ डिवीजन में 01 सड़क बंद पड़ी है। इन मुख्य और संपर्क मार्गों के बंद होने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में जरूरी चीजों की सप्लाई और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग की टीमें और मशीनरी बंद पड़े मार्गों को दोबारा बहाल करने के लिए फील्ड में लगातार जुटी हुई हैं।

सड़कों के साथ-साथ जिले में बिजली और पानी का संकट भी गहरा गया है। डीसी सिरमौर ने बताया कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण जिले भर में 63 बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) ठप हो गए हैं, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इसके अलावा, जिला मुख्यालय नाहन और आसपास के क्षेत्रों में 4 प्रमुख पेयजल योजनाएं भी इस मूसलाधार बारिश की चपेट में आकर बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे पानी की सप्लाई पर असर पड़ा है।
इस आसमानी आफत ने स्थानीय पशुपालकों को भी गहरी चोट पहुंचाई है। बीते बुधवार को शिलाई तहसील के चांदपुरधार में ऊंचाई से पैर फिसलने के कारण एक बैल की गहरी खाई में गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। मृत बैल कंडी गांव के निवासी चतर सिंह (पुत्र जगत सिंह) का था, जिससे इस गरीब पशुपालक को करीब 15,000 रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। मौसम विभाग (IMD) ने जहां आज के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था, वहीं कल भी जिले में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सभी स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों तथा संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है।