नाहन : जिला सिरमौर के निजी विद्यालयों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु मान्यता के नवीनीकरण और वर्ष 2026-31 तक नई मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा, सिरमौर, राजीव ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि इस बार आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। सभी निजी शिक्षण संस्थानों को निर्धारित पोर्टल पर 15 मार्च 2026 तक अपने आवेदन अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे। विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित की जा सके।
आवेदन की व्यवस्था को श्रेणियों में बांटा गया है, जिसके तहत प्री-प्राइमरी से पाँचवीं कक्षा तक के विद्यालय अपने आवेदन निर्धारित शुल्क के साथ संबंधित खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (BEEO) को ऑनलाइन भेजेंगे। वहीं, प्राथमिक से आठवीं तथा छठी से आठवीं कक्षाओं तक चलने वाले स्कूलों को अपने आवेदन सीधे उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय को ऑनलाइन प्रेषित करने होंगे।

ऑनलाइन प्रणाली को सुगम बनाने के लिए इसमें संशोधन का विकल्प भी रखा गया है। यदि किसी आवेदन में कोई त्रुटि या कमी पाई जाती है, तो उसे सुधार के लिए ऑनलाइन ही संबंधित स्कूल को वापस भेजा जाएगा। सुधार के बाद स्कूल दोबारा आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन पत्र के पूरी तरह सही पाए जाने पर विभाग द्वारा डिजिटल माध्यम से ही मान्यता या नवीनीकरण प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। इससे स्कूलों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और समय की भी बचत होगी।
उपनिदेशक ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि सत्र 2026-27 में केवल वही निजी विद्यालय विद्यार्थियों को प्रवेश दे सकेंगे, जिनके पास विभाग द्वारा जारी वैध मान्यता प्रमाणपत्र होगा। बिना मान्यता या नवीनीकरण के संचालित पाए जाने वाले स्कूलों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधकों से आग्रह किया है कि वे अंतिम तिथि का इंतज़ार किए बिना समय रहते ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण करें ताकि विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे।
विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणियों के लिए शुल्क भी निर्धारित किया गया है। प्री-प्राइमरी से पाँचवीं कक्षा तक की नई मान्यता या स्तर उन्नयन (Level Upgrade) के लिए ₹5,000, जबकि पहली से आठवीं कक्षा तक की नई मान्यता हेतु ₹10,000 शुल्क तय किया गया है। इसके अतिरिक्त, पहली से आठवीं कक्षा तक की मान्यता के नवीनीकरण के लिए स्कूलों को ₹500 प्रति वर्ष की दर से शुल्क जमा करना होगा।