नाहन : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में सरकारी कर्तव्यों के प्रति लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। माजरा तहसील के नायब तहसीलदार इंद्र कुमार और उनके स्टाफ पर आरोप है कि उन्होंने बीमारी का बहाना बनाकर (मेडिकल लीव) राजस्थान के जैसलमेर में छुट्टियां मनाईं। इस मामले के उजागर होने के बाद एसडीएम पांवटा साहिब ने सख्त रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, नायब तहसीलदार इंद्र कुमार और उनके अधीनस्थ कर्मचारी मेडिकल लीव पर थे। हालांकि, इसी दौरान सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर उनकी जैसलमेर में मस्ती करते हुए वीडियो वायरल हो गईं। जैसे ही यह मामला एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा के ध्यान में आया, उन्होंने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस पूरे प्रकरण पर कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। हिल्स पोस्ट मीडिया से विशेष बातचीत के दौरान एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि नायब तहसीलदार इंद्र कुमार सहित छुट्टी पर गए समस्त स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इसके अतिरिक्त, सामूहिक अवकाश की मंजूरी देने के संबंध में पांवटा साहिब के तहसीलदार से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसडीएम ने बताया कि उन्होंने सभी संबंधित कर्मचारियों से उनकी ताज़ा लोकेशन साझा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक किसी ने भी अपनी लोकेशन नहीं दी है, जो मामले को और संदिग्ध बनाता है।
प्रशासन ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए इस विषय में उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया है। एसडीएम ने जोर देकर कहा कि ड्यूटी में इस तरह की लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक रूप से नदारद रहने के कारण माजरा तहसील में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। दूर-दराज से अपने काम के लिए आए ग्रामीणों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ड्यूटी से खिलवाड़ करने वाले ऐसे अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।