नाहन : जिला सिरमौर में 108 एम्बुलेंस कर्मी लगातार मानवता की मिसाल पेश कर रही है। एक दिन पहले शिलाई क्षेत्र में जटिल प्रसव के बाद, आज राजपुर क्षेत्र में भी 108 कर्मियों ने अत्यंत जोखिम भरे हालात में माँ और नवजातों की जान बचाकर अपनी कार्यकुशलता साबित की है।
जानकारी के अनुसार, राजपुर 108 एम्बुलेंस (वाहन नंबर HP-64A-9164 ) को सुबह 04:09 बजे अंबोया गांव से कॉल प्राप्त हुई। यह कॉल महिला के पति अमित कुमार ने 108 पर की थी। मरीज 25 वर्षीय शिवानी, जो 7 माह की गर्भवती थी, को अस्पताल ले जाया जा रहा था।

एम्बुलेंस में तैनात EMT वीरेंद्र परमार और पायलट यूसुफ अली महिला को लेकर अस्पताल की ओर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही महिला को तेज़ प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। हालात को गंभीरता से समझते हुए EMT ने तुरंत मौके पर ही आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रिया शुरू की।
करीब 05:30 बजे सुबह, एम्बुलेंस में ही जुड़वां बच्चों का प्रसव करवाना पड़ा। यह डिलीवरी बेहद जटिल थी क्योंकि एक बच्चा सामान्य स्थिति में था, जबकि दूसरा बच्चा उल्टा (ब्रीच पोज़िशन) था और बच्चों के गले में नाल लिपटी हुई थी। इसके बावजूद 108 कर्मियों की सूझबूझ और प्रशिक्षण से दोनों नवजात सुरक्षित पैदा हुए।
सफल प्रसव के बाद माँ और दोनों बच्चों को सुरक्षित रूप से पावंटा साहिब अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों की हालत स्थिर बताई। डिलीवरी के बाद महिला के पति और साथ आए परिजनों ने 108 एम्बुलेंस कर्मियों का आभार जताया।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही शिलाई क्षेत्र में भी 108 एम्बुलेंस कर्मियों ने इसी तरह एक हाई-रिस्क केस में रास्ते में सुरक्षित डिलीवरी करवाई थी, जिसमें उल्टे बच्चे के बावजूद माँ और नवजात को सुरक्षित बचाया गया। लगातार दो दिनों में सामने आए इन मामलों ने साबित कर दिया है कि 108 एम्बुलेंस सेवा दूरदराज़ क्षेत्रों में आम लोगों के लिए जीवन रेखा बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कर्मी सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं, इसलिए सरकार और संबंधित विभागों को चाहिए कि 108 कर्मचारियों को समय पर सुविधाएं, सुरक्षा और उचित सम्मान सुनिश्चित किया जाए।