सोलन: सड़क हादसों पर लगाम लगाने और लोगों को जागरूक करने के मकसद से सोलन में गुरुवार को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और आरटीओ सोलन की ओर से आयोजित इस सड़क सुरक्षा वर्कशॉप में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) राहुल जैन ने शिरकत की। उन्होंने चालकों और आम लोगों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन सिर्फ कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी है।

एडीसी राहुल जैन ने इस मौके पर एक अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि सोलन में वाहन चालकों के लिए जल्द ही एक निःशुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Checkup Camp) लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ड्राइविंग करने वाले लोगों की दृष्टि सही हो ताकि हादसों की संभावना कम हो सके। उन्होंने अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में लोग टोल फ्री नंबर 112 या आपदा प्रबंधन के नंबर 1077 पर तुरंत सूचना दें।
कार्यक्रम में मौजूद पुलिस उपाधीक्षक (ट्रैफिक) अशोक चौहान ने एक प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि नेशनल हाईवे-5 पर सुरक्षा और निगरानी के लिए 55 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की फीड सीधे पुराने डीसी ऑफिस स्थित ट्रैफिक कंट्रोल रूम में देखी जा रही है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी कि वे हमेशा आईएसआई (ISI) मार्क वाले हेलमेट ही पहनें और ड्राइविंग करते वक्त मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
सड़क सुरक्षा सेल शिमला से आईं डॉ. निधि ने प्रेजेंटेशन के जरिए गुड सेमेरिटन यानी नेक मददगारों के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने लाइफ सेविंग स्कीम, हिट एंड रन मामलों में मुआवजे और घायलों की मदद करने वालों के लिए ‘राहगीर अवॉर्ड’ (Rahgiri Award) के बारे में बताया।
वर्कशॉप में सेफ ड्राइविंग तकनीक, रोड साइन की समझ, पैदल चलने वालों की सुरक्षा, फर्स्ट एड, हेलमेट-सीट बेल्ट का सही इस्तेमाल और शराब पीकर गाड़ी न चलाने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान आरटीओ कविता ठाकुर, एचआरटीसी के आरएम सुरेंद्र राजपूत और बीडीओ रमेश शर्मा समेत कई अधिकारी और वाहन चालक मौजूद रहे।