सोलन: राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) हिमाचल प्रदेश द्वारा राजकीय महाविद्यालय सोलन के ललित कला विभाग के विशेष सहयोग से एक दिवसीय रचनात्मक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। 14 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य विषय भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक वाद्ययंत्रों पर पोस्टर तैयार करना रहा। इस अनूठी पहल का उद्देश्य कला और संगीत के माध्यम से युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सकारात्मकता का संचार करना था।

इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में स्नातक स्तर के 11 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक गतिविधियों और कलात्मक सोच का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए विभिन्न संगीतमय वाद्ययंत्रों पर आधारित आकर्षक पोस्टर बनाए। इन कलाकृतियों के माध्यम से छात्रों ने यह संदेश देने का सार्थक प्रयास किया कि किस प्रकार संगीत और वाद्ययंत्र मनुष्य के भावनात्मक कल्याण और मानसिक शांति को सुदृढ़ करने में एक अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय सोलन की प्राचार्या डॉ. शिवानी शर्मा ने उपस्थित होकर विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने SCERT और महाविद्यालय के ललित कला विभाग के इस संयुक्त और नवोन्मेषी प्रयास की भूरि-भूरि सराहना की। डॉ. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कला और संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये व्यक्तिगत व रचनात्मक अभिव्यक्ति के बेहद सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कलाएं विद्यार्थियों के भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, दिन-प्रतिदिन के मानसिक तनाव को दूर करने तथा जीवन के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में काफी मददगार साबित होती हैं।
समारोह के समापन अवसर पर प्राचार्या डॉ. शिवानी शर्मा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने शैक्षणिक सफर के साथ-साथ इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों में निरंतर और सक्रिय रूप से भाग लेते रहें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों के भीतर छिपी रचनात्मकता और कलात्मक संवेदनशीलता को निखारते हैं, बल्कि उनके सर्वांगीण और संतुलित विकास को भी सुनिश्चित करते हैं। यह कार्यशाला कला, संगीत और मानसिक स्वास्थ्य के गहरे अंतर्संबंध को स्थापित करने में एक सफल कदम साबित हुई।