सोलन: जिला सोलन पुलिस ने नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के अपने अभियान को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने धर्मपुर थाना में दर्ज वर्ष 2018 के एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले में कार्रवाई करते हुए नशा तस्कर धनीराम और उसके सहयोगियों की करीब 43 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है। पुलिस की वित्तीय जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने नशे के काले कारोबार से अर्जित धन से अपने बेटों के नाम पर गाड़ियां और टिप्पर खरीदे थे, जबकि उसके पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं था।

मामले की पृष्ठभूमि 22 अगस्त 2018 की है, जब धर्मपुर पुलिस ने जाडली निवासी 62 वर्षीय धनीराम को 736 ग्राम चरस, 82 ग्राम अफीम और 1 लाख रुपये नकद राशि के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा की गई गहन वित्तीय जांच (Financial Investigation) में सामने आया कि धनीराम लंबे समय से अपने इलाके में चरस और अफीम की सप्लाई कर रहा था। इस अवैध धंधे की कमाई को खपाने के लिए उसने अपने बेटों संजीव कुमार और नीलम कुमार के नाम पर दो एलएमवी (LMV) गाड़ियां और एक टिप्पर खरीदा था। पुलिस ने अब कार्रवाई करते हुए इस 43 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज कर दिया है।
गौरतलब है कि आरोपी धनीराम एक आदतन अपराधी है और वर्तमान में वह कुनिहार थाना में 18 सितंबर 2025 को दर्ज एक अन्य एनडीपीएस मामले में जेल में बंद है। उस मामले में पुलिस ने उससे 1.6 किलो से अधिक चरस और अफीम बरामद की थी। पुलिस उस मामले में पहले ही उसकी 6 करोड़ 34 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर चुकी है, जिसमें आलीशान मकान, रेस्टोरेंट, होम स्टे, जेसीबी, सोने के आभूषण और बैंक खाते शामिल हैं। इस जब्ती पर सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली द्वारा मुहर भी लगाई जा चुकी है। इसके अलावा आरोपी पर अर्की थाने में भी नशा तस्करी का केस और महिलाओं के प्रति क्रूरता व छेड़छाड़ के दो अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सोलन पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले लगभग सवा साल में सोलन पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत वित्तीय जांच करते हुए 39 आरोपियों की 15.60 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल और अचल संपत्ति जब्त की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए तस्करों की आर्थिक संपत्ति पर चोट करना सबसे प्रभावी कदम है और यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।