सोलन: एमआरडीएवी (MRDAV) स्कूल में रविवार को एनसीसी की सबसे कठिन और महत्वपूर्ण मानी जाने वाली सीईई सर्टिफिकेट (CEE) परीक्षा का आयोजन किया। 1 एचपी (गर्ल्स) बटालियन एनसीसी की ओर से आयोजित इस परीक्षा में 5 अलग-अलग बटालियनों के कुल 691 कैडेट्स ने अपनी तीन साल की मेहनत की अंतिम परीक्षा दी।

पहले प्रैक्टिकल, फिर लिखित शिमला ग्रुप के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर हरप्रीत सिंह के निर्देशन और 1 एचपी (गर्ल्स) बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विवेक भटारा की देखरेख में यह परीक्षा दो चरणों में संपन्न हुई। 14 फरवरी को कैडेट्स का प्रैक्टिकल टेस्ट लिया गया, जिसमें उनकी ड्रिल, वेपन ट्रेनिंग और मैप रीडिंग की परख की गई। वहीं, आज यानी 15 फरवरी को लिखित परीक्षा आयोजित की गई।
कर्नल विवेक भटारा ने बताया कि एनसीसी में सीईई सर्टिफिकेट हासिल करना हर कैडेट का सपना होता है। यह 3 साल के कठोर प्रशिक्षण का परिणाम है। इस परीक्षा को पास करने वाले कैडेट्स को भारतीय सेना में अधिकारी (Officer) बनने के लिए ‘स्पेशल एंट्री स्कीम’ के तहत लिखित परीक्षा से छूट मिलती है। इसके अलावा, अन्य सरकारी भर्तियों और पुलिस में भी इन्हें बोनस अंक और वरीयता दी जाती है।
परीक्षा में पारदर्शिता और एकरूपता बनाए रखने के लिए हिमाचल प्रदेश में यह आयोजन सोलन के अलावा मंडी और ऊना केंद्रों पर भी एक साथ किया गया। इतना ही नहीं, देश के सभी 17 एनसीसी निदेशालयों में यह परीक्षा आज ही के दिन एक समान समय पर आयोजित की गई। कर्नल भटारा और उनकी टीम ने परीक्षा का सुचारू और नकल रहित संचालन सुनिश्चित कर एनसीसी के उच्च मानकों का परिचय दिया।