सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयादशमी के मौके पर अपना स्थापना दिवस मनाया। मंगलवार को शहर में शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे गणवेश में करीब 200 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। कदमताल करते हुए इन स्वयंसेवकों ने अनुशासन और सामाजिक एकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम में आरएसएस के प्रांत संपर्क प्रमुख बलराम जी मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ के 100 सालों के सफर पर बात की। बलराम जी ने बताया कि संघ की शुरुआत एक छोटी सी शाखा से हुई थी जो अब सेवा और संगठन के जरिए समाज के हर हिस्से तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि आरएसएस का मुख्य मकसद समाज को एकजुट कर देशहित के लिए तैयार करना है। उनके मुताबिक शाखाएं व्यक्ति में अनुशासन और समर्पण की भावना पैदा करती हैं, जिससे एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है।
संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर बलराम जी ने पंच परिवर्तन पर खास जोर दिया। उन्होंने समाज में बदलाव के लिए पांच जरूरी बातों का जिक्र किया, जिनमें सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी चीजों का इस्तेमाल और नागरिक कर्तव्यों का पालन शामिल है। उन्होंने सभी लोगों से इन पांचों बातों को अपने निजी और सामाजिक जीवन में उतारने की अपील की।
दुनिया के मौजूदा हालात पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत पूरी दुनिया को शांति और भाईचारे का संदेश दे रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत की सांस्कृतिक विरासत दुनिया का मार्गदर्शन कर सकती है और एक संगठित समाज ही देश को विश्वगुरु बनने की राह पर आगे ले जाएगा।
इस आयोजन में संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें सोलन के जिला संघचालक गुरदीप साहनी, नगर संघचालक नागरमल गोयल, विभाग कार्यवाह कश्मीर सिंह कपिल और विभाग कार्यकारिणी सदस्य डॉ. महेंद्र शामिल थे। इनके अलावा प्रांत टोली सदस्य डॉ. अवनीश कुमार, जिला प्रचार प्रमुख कमलेश कुमार, नगर कार्यवाह जगदीश कुमार, नगर प्रचारक हरीश कुमार और नगर प्रचार प्रमुख प्रदीप कुमार ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।