शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब बच्चों को पहली कक्षा से ही नैतिक शिक्षा पढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई एक अहम बैठक में इसके स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उनका मानना है कि पढ़ाई का मकसद सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण, अनुशासन और बड़ों के प्रति सम्मान की भावना पर भी शुरुआत से ही काम होना चाहिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड का सिलेबस लागू करने की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने स्कूलों में बेहतरीन पढ़ाई के लिए योग्य शिक्षकों और अच्छे माहौल की जरूरत पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 जूनियर बेसिक टीचर की भर्ती प्रक्रिया में तुरंत तेजी लाई जाए और 100 नए स्कूलों में जल्द से जल्द शिक्षकों की तैनाती की जाए।
स्कूलों के बेहतर संचालन के लिए क्लर्क और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि वे तय नियमों के हिसाब से कर्मचारियों की जरूरत का आकलन करें और जरूरी कदम उठाएं। इसके अलावा नई योजना के तहत 3,900 शिक्षकों और 900 गैर-शिक्षक कर्मचारियों के पदों को भरने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और सरकारी स्कूलों को मजबूत करना सरकार की बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने फैसलों को समय पर लागू करने और जवाबदेही तय करने की बात भी कही। इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा सचिव डॉ. यूनुस और स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली समेत शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।