सोलन: हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार द्वारा ग्रुप-B कर्मचारियों के वेतन में 3 प्रतिशत की कटौती (स्थगन) किए जाने के फैसले के खिलाफ जिला सोलन प्रवक्ता संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने सरकार के इस कदम को कर्मचारी विरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।

जिला सोलन प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष जय लाल जुलपाईक ने कड़े शब्दों में कहा कि सरकार का यह निर्णय तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से कर्मचारियों की कई वित्तीय देनदारियां पहले से ही लंबित पड़ी हैं, ऐसे में बकाया देने के बजाय वर्तमान वेतन में से 3 प्रतिशत की कटौती करना समझ से परे है।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अधिकांश प्रवक्ता 60,000 से 70,000 रुपये के बीच वेतन प्राप्त कर रहे हैं। आज के इस महंगाई के दौर में, जहां घरेलू बजट पहले ही डगमगाया हुआ है, वेतन में कटौती होने से प्रवक्ताओं को गंभीर पारिवारिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सीमित आय वाले मध्यम वर्गीय कर्मचारियों के लिए हर महीने की ईएमआई, बच्चों की पढ़ाई और अन्य खर्चों को देखते हुए यह कटौती एक बड़ा झटका है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार अपने 3% वेतन स्थगित करने के फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करे।
जुलपाईक ने कहा कि कर्मचारी हमेशा सरकार के साथ सहयोग करते आए हैं, लेकिन उनके हकों पर कैंची चलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर जिला सोलन के विभिन्न खंडों के प्रवक्ता प्रतिनिधियों ने भी इस निर्णय के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की और भविष्य की रणनीति तैयार करने पर बल दिया।