शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा शुरू किए गए चिट्टा-मुक्त हिमाचल जन-आंदोलन के तहत प्रदेश पुलिस ने ड्रग माफिया के खिलाफ अपना शिकंजा और कस दिया है। इसी कड़ी में 1 मार्च 2026 को पूरे प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ विशेष छापेमारी और तलाशी अभियान का दूसरा चरण चलाया गया। राज्य गुप्तचर विभाग, सशस्त्र बलों और जिला पुलिस की इस संयुक्त एवं खुफिया कार्रवाई के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में मादक पदार्थ पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, प्रदेश भर में पुलिस टीमों ने कुल 145 संदिग्ध स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई को पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए ड्रग डिटेक्शन किट का प्रभावी इस्तेमाल किया गया। साथ ही, तलाशी, बरामदगी और गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया की विधिवत वीडियोग्राफी भी करवाई गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, बीएनएसएस (BNSS) और आर्म्स एक्ट के कानूनी प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन के साथ की गई है।
इस सघन तलाशी अभियान के परिणामस्वरूप पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत 6 और आबकारी अधिनियम के तहत 4 मामले (FIR) दर्ज किए हैं। राज्य सरकार और पुलिस विभाग नशामुक्त समाज के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ‘जीरो-टॉलरेंस’ (शून्य-सहिष्णुता) की नीति पर आक्रामक रूप से काम कर रहे हैं।
पुलिस विभाग ने आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे इस जन-आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लें। नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 112 या अपने नजदीकी पुलिस थाने में दें। पुलिस ने जनता को आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।