हिमाचल में सरकारी बाबुओं पर ड्रेस कोड की सख्ती: सोशल मीडिया पर डिजिटल लक्ष्मण रेखा तय

शिमला: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को न केवल अपने पहनावे (Dress Code) का ध्यान रखना होगा, बल्कि सोशल मीडिया पर उनकी उंगलियों की हलचल पर भी सरकार की पैनी नजर रहेगी। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी इन ताजा निर्देशों का पालन सभी प्रशासनिक सचिवों से लेकर उपायुक्तों तक को सख्ती से करवाना होगा।

सरकार ने साफ कर दिया है कि दफ्तर कोई पिकनिक स्पॉट या पार्टी की जगह नहीं है। 2017 के नियमों को फिर से याद दिलाते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुरुष कर्मचारी अब केवल पैंट-शर्ट, ट्राउजर और औपचारिक जूते या सैंडल में ही नजर आएंगे। कॉलर वाली शर्ट अनिवार्य होगी। वहीं महिला कर्मचारी को शालीन साड़ी, सलवार-सूट या चूड़ीदार कुर्ते जैसे फॉर्मल पहनावे में ही ड्यूटी कर सकेंगी। कार्यालय के भीतर जींस और टी-शर्ट पहनने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। कोर्ट में पेशी के दौरान भी कर्मचारियों को बेहद शालीन और साफ-सुथरे कपड़ों में उपस्थित होना होगा।

अब सरकारी कर्मचारियों का केवल पहनावा ही नहीं, बल्कि उनका डिजिटल व्यवहार भी सरकार की सीधी निगरानी (रडार) पर रहेगा। सुक्खू सरकार ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर पांच कड़े नियम निर्धारित किए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। नए निर्देशों के तहत कोई भी कर्मचारी सरकारी योजनाओं, राजनैतिक फैसलों या धार्मिक मुद्दों पर सार्वजनिक मंचों पर अपनी व्यक्तिगत राय साझा नहीं कर पाएगा। साथ ही, ऐसे किसी भी कमेंट या पोस्ट पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है जिससे सरकार की छवि धूमिल होती हो या नीतियों की आलोचना झलकती हो।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति के किसी भी सरकारी दस्तावेज या विभागीय जानकारी को सोशल मीडिया पर लीक करना गंभीर अनुशासनहीनता मानी जाएगी। यदि कोई कर्मचारी किसी पुस्तक, लेख या मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखता है, तो उसे अनिवार्य रूप से यह स्पष्ट करना होगा कि व्यक्त किए गए विचार उसके निजी हैं और उनका सरकार के रुख से कोई संबंध नहीं है। इतना ही नहीं, कर्मचारियों से केवल ड्यूटी के दौरान ही नहीं, बल्कि निजी जीवन में भी एक बेहद जिम्मेदार और मर्यादित आचरण की अपेक्षा की गई है ताकि पद की गरिमा बनी रहे।

मुख्य सचिव कार्यालय ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इन आदेशों का पालन “Letter and Spirit” (अक्षरशः) होना चाहिए। नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सभी विभागों से इन निर्देशों की प्राप्ति और अनुपालन की रिपोर्ट भी तलब की गई है।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।