शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस बार राज्यसभा का चुनावी सफर बिना किसी नाटकीय घटनाक्रम के पूरा होता नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी अनुराग शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा सचिवालय में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। संख्या बल और भाजपा की ओर से किसी प्रतिद्वंद्वी के न होने के कारण अनुराग शर्मा का निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना अब महज एक औपचारिकता रह गया है।

नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित कैबिनेट के तमाम मंत्री और विधायक एकजुट नजर आए।
यह सीट भाजपा सांसद इंदू गोस्वामी का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुई है। दिलचस्प बात यह है कि इंदू गोस्वामी और कांग्रेस के अनुराग शर्मा, दोनों ही प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में राज्यसभा में कांगड़ा जिले का प्रतिनिधित्व लगातार दूसरी बार सुनिश्चित हुआ है।
हाल ही में कांगड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष बने अनुराग शर्मा का चयन पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है। छात्र राजनीति (NSUI) से सफर शुरू करने वाले अनुराग को एक कर्मठ और जमीनी कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। उनके चयन के जरिए कांग्रेस नेतृत्व ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि आम कार्यकर्ता भी सदन के शीर्ष स्तर तक पहुंच सकता है।