सोलन: उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि आपदा पूर्व एवं उपरान्त के समय में प्रशिक्षित श्रम शक्ति की उपलब्धतता बहुमूल्य मानव जीवन तथा संसाधनों की समुचित सुरक्षा में महत्वपूर्ण सिद्ध होती है। मनमोहन शर्मा आज यहां ज़िला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा युवा आपदा मित्रों को खोज एवं बचाव किट प्रदान करने के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे।

मनमोहन शर्मा ने कहा कि आपदा मित्र योजना का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न आपदाओं के समय त्वरित कार्यवाही के लिए प्रशिक्षित करना है ताकि जानो-माल की क्षति को न्यून किया जा सके। योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना, भारत स्काऊट एडं गाईड्स तथा नेहरू युवा केन्द्र संगठन के युवाओं को आपदा मित्र के रूप में खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन जीवन रक्षक तकनीक सीपीआर, अग्नि सुरक्षा तथा आपदा प्रबन्धन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि आपदा मित्रों को स्वास्थ्य बीमा सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ज़िला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण सोलन द्वारा अभी तक 500 आपदा मित्रों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। वर्ष 2024-25 में प्राधिकरण द्वारा 300 तथा इससे पूर्व 200 ऐसे स्वंय सेवकों को गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार की योजना के तहत ज़िला में ग्राम पंचायत स्तर पर 2200 स्वंय सेवकों को आपदा बचाव का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। 600 मिस्त्री भी प्रशिक्षित किए गए हैं।
उन्हांेने कहा कि इस योजना का उद्देश्य धरातल पर कुशल स्वंय सेवकों का सशक्त नेटवर्क तैयार कर समुदाय आधारित तैयारी सुदृढ़ करना है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि यह पहल ज़िला में आपदा तैयारी क्षमताओं को मज़बूत करने के साथ-साथ सुरक्षित एवं सशक्त समुदाय निर्माण में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। इस अवसर पर 30 स्वय सेवकों को खोज एवं बचाव किट प्रदान की गई।
आपदा मित्र तथा ज़िला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।