सोलन: जिला के कंडाघाट क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चल रही मांग अब रंग लाती दिख रही है। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल के नेतृत्व में कंडाघाट के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और कंडाघाट नगर पंचायत को डिनोटिफाई कर पुनः ग्राम पंचायत बनाने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल की दलीलों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार जनभावनाओं का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि कंडाघाट को दोबारा ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। इस आश्वासन के बाद क्षेत्र के लोगों में अपनी पुरानी पहचान बहाल होने की उम्मीद जग गई है।
इस मुलाकात के दौरान कंडाघाट की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में भाजपा के प्रमुख नेता और सिरीनगर पंचायत के पूर्व प्रधान गुरविंदर सिंह (काला) ने अपने करीब 50 कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा को अलविदा कह दिया। मुख्यमंत्री ने इन सभी का कांग्रेस पार्टी में स्वागत किया।
कांग्रेस में शामिल होते हुए गुरविंदर सिंह ने कहा कि वे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की नीतियों और प्रदेश में विकास की तेज गति से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
इस महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस नेता कर्नल संजय शांडिल, वरिष्ठ नेता रमेश ठाकुर और अमित ठाकुर सहित प्रतिनिधिमंडल के कई अन्य सदस्य और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कदम से कंडाघाट और आसपास के क्षेत्रों में कांग्रेस को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलेगी।