सोलन: कर्नल (डॉ.) संजय शांडिल और श्रीमती पूनम शांडिल ने सोलन स्थित आईसीएआर-मशरूम अनुसंधान निदेशालय (डी.एम.आर) का दौरा किया। इस दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. वी.पी. शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

अपने दौरे में, कर्नल शांडिल और उनकी पत्नी ने बटन, ढिंगरी (ऑयस्टर) और औषधीय मशरूम सहित विभिन्न किस्मों के मशरूम उत्पादन और उन पर हो रहे शोध कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने इन मशरूमों के पोषण और आर्थिक लाभों के बारे में जानकारी ली।
कर्नल शांडिल ने मशरूम उत्पादन को आत्मनिर्भरता और रोजगार का एक प्रभावी जरिया बताते हुए निदेशालय से आग्रह किया कि गरीब और बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण देने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य में रोजगार और उद्यमशीलता के नए अवसर पैदा करेंगे।
संस्थान के अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे स्थानीय युवाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देंगे, ताकि वे इसे एक सफल और लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपना सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
कर्नल (डॉ.) संजय शांडिल और श्रीमती पूनम शांडिल ने सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए निदेशालय के प्रयासों की सराहना की और विश्वास जताया कि ये पहलें हिमाचल प्रदेश के किसानों और बेरोजगार युवाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।