शिमला: हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश ठाकुर ने राज्य सरकार से कर्मचारियों के लंबे समय से रुके हुए वित्तीय लाभों को जल्द से जल्द जारी करने की पुरजोर मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी काफी समय से आर्थिक और सेवा संबंधी भेदभाव का सामना कर रहे हैं, जिससे उनके भीतर भारी निराशा और असंतोष पनप रहा है।

नरेश ठाकुर ने विस्तार से बात करते हुए कहा कि हिमाचल के कर्मचारियों को न तो पंजाब के समान वेतनमान और भत्तों का लाभ मिल पा रहा है और न ही केंद्र सरकार की तर्ज पर मिलने वाली एसीपी (ACP) तथा हायर ग्रेड पे जैसी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जनवरी 2022 से इन सभी महत्वपूर्ण लाभों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, जो कर्मचारियों के साथ सीधा खिलवाड़ है।
महासंघ के अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) और वेतन एरियर (Pay Arrears) भी लंबे समय से लटका हुआ है। आज के इस महंगाई के दौर में कर्मचारियों को उनके जायज वित्तीय अधिकारों से दूर रखना किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है। इस वजह से कर्मचारियों और उनके परिवारों पर बेवजह का आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
महासंघ ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा है कि लंबित डीए और वेतन एरियर का भुगतान तुरंत प्रभाव से किया जाए, रोकी गई एसीपी व हायर ग्रेड पे की व्यवस्था को फिर से बहाल किया जाए और कर्मचारियों को उनका न्यायोचित वेतनमान दिया जाए।
नरेश ठाकुर ने सरकार को सचेत करते हुए कहा कि कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि उनकी इन जायज मांगों को लगातार इसी तरह नजरअंदाज किया जाता रहा, तो कर्मचारियों का यह गुस्सा उग्र रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने साफ किया कि महासंघ कर्मचारियों के हकों की लड़ाई के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखने से पीछे नहीं हटेगा।