कांगड़ा: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कांगड़ा जिले के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, डरोह में आयोजित रोजगार संकल्प मेले में 1,253 नवनियुक्त पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने ऐलान किया कि राज्य सरकार पुलिस बल को और मजबूत करने के लिए अगले दो महीनों के भीतर 800 और कांस्टेबलों की भर्ती करेगी।

मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पुलिस भर्ती का पेपर लीक हुआ था, जिससे युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ हुआ। इसके विपरीत, वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया पुलिस विभाग के बजाय ‘हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग’ (HPPSC) के माध्यम से पूरी करवाई है।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक मिशन और जिम्मेदारी स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे ‘जन आंदोलन’ का जिक्र करते हुए कड़े तेवर दिखाए। सीएम सुक्खू ने खुलासा किया कि उनकी सरकार ने ‘चिट्टा’ (ड्रग्स) के कारोबार में संलिप्त पाए गए 12 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर दिया है और चेतावनी दी कि अन्य विभागों के कर्मचारी भी अगर इसमें शामिल मिले, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 2,149 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25% अधिक हैं, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।
पुलिस कल्याण की दिशा में घोषणाएं करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कांस्टेबलों को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों का उत्तम गुणवत्ता वाला वर्दी का कपड़ा मिलेगा और यूनिफॉर्म ग्रांट बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है। इसके अलावा, भूतपूर्व सैनिकों को 10 साल की सेवा के बाद हॉनरेरी हेड कांस्टेबल और 15 साल बाद हॉनरेरी एएसआई बनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने हिमाचल पुलिस की पीठ थपथपाते हुए कहा कि आपातकालीन सेवा (ERSS-112) के रिस्पांस टाइम में हिमाचल पुलिस पूरे देश में नंबर वन है। इस मौके पर डीजीपी अशोक तिवारी, कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।