नाहन : मानगढ़–चनाहलग–नाहन रूट पर चलने वाली एकमात्र एचआरटीसी (HRTC) बस सेवा इन दिनों विवादों के घेरे में है। कल रूट पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब बस में तकनीकी खराबी और रूट को लेकर यात्रियों और क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) के बीच विरोधाभासी बयान सामने आए।
रूट पर सफर कर रहे यात्रियों का आरोप है कि बस के पट्टे (स्प्रिंग) टूटे होने के बावजूद उसे जबरन चलाया जा रहा था। यात्रियों के अनुसार, चालक और परिचालक बस को मुख्य मार्ग (मेन रोड) से धीरे-धीरे नाहन ले जाना चाहते थे ताकि यात्रियों को राजगढ़ वाली बस मिल सके, लेकिन आरोप है कि RM ने उन्हें जबरन लिंक रोड पर ही बस ले जाने के निर्देश दिए। इस विवाद के चलते यात्रियों को शिरला के पास बीच रास्ते में ही उतरना पड़ा, जिससे 8-9 पंचायतों के लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय जनता ने RM के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षित बस उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।

वहीं, दूसरी ओर क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) रामदयाल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ‘हिल्स पोस्ट’ से बात करते हुए उन्होंने बताया कि बस में किसी बड़ी खराबी की बात उनके संज्ञान में नहीं थी। उन्होंने कहा, “मैंने ड्राइवर को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वह अपने निर्धारित रूट से ही आए। यदि बस खराब थी, तो उसे वहीं खड़ा करना चाहिए था ताकि मैं मैकेनिक भेज सकूं।”
RM का दावा है कि चालक जल्दी आने के चक्कर में शॉर्टकट रास्ते का इस्तेमाल करना चाहता था, जबकि मुख्य मार्ग पर नाहन जाने वाली कई सवारियां बस का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब बस नाहन पहुंची, तो वह पूरी तरह सही स्थिति में थी और समय पर पहुंची थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए RM रामदयाल ने सुपरवाइजर को पूरे प्रकरण की गहन छानबीन के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि क्या वास्तव में गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी थी या ड्राइवर अपनी मर्जी से रूट बदलना चाह रहा था।
इस बीच, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है यह रूट पहले ही उपेक्षा का शिकार रहा है। घाटे का हवाला देकर टोन्डा बस बंद की जा चुकी है और अब मानगढ़–चनाहलग रूट की एकमात्र बस के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया जा रहा है। इस फैसले से कम से कम 8–9 पंचायतों के लोग प्रभावित हो रहे हैं, जो समय पर नाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं।