चूड़धार यात्रा पर पाबंदी की धज्जियां: क्या केवल चालान काटने से सुधरेंगे लापरवाह पर्यटक?

नाहन : चूड़धार यात्रा पर प्रशासन द्वारा लगाई गई आधिकारिक रोक और खराब मौसम की चेतावनियों के बावजूद पर्यटकों और श्रद्धालुओं की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामले में, चंडीगढ़ से आए 20 युवकों का एक समूह नियमों को ताक पर रखकर चूड़धार की यात्रा कर वापस लौटते समय पुलिस की गिरफ्त में आया। यह समूह नौहराधार के रास्ते राजगढ़ की ओर आ रहा था, तभी रास्ते में एक युवक के वाहन दुर्घटना का शिकार होने की सूचना पुलिस को मिली।

घटना की सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी कुलवंत सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने राजगढ़ पहुँचने पर इस समूह को जांच के लिए रोका। छानबीन के दौरान पुलिस यह देखकर दंग रह गई कि समूह के किसी भी सदस्य ने हेलमेट नहीं पहना था। यातायात नियमों की इस गंभीर अवहेलना और प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और सभी युवकों के चालान काट दिए। पूछताछ के दौरान युवकों ने दलील दी कि उनके हेलमेट चोरी हो गए थे, जिसे पुलिस ने सुरक्षा के प्रति बड़ी लापरवाही माना।

इस घटना ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कब तक लोग यात्रा पर प्रतिबंध होने के बावजूद अपनी जान जोखिम में डालकर नियमों की अवहेलना करते रहेंगे? दुर्गम रास्तों और बर्फबारी के बीच इस तरह की जिद न केवल पर्यटकों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, बल्कि किसी अनहोनी की स्थिति में बचाव दलों के लिए भी बड़ी चुनौती बन जाती है। स्थानीय निवासियों का भी यही मानना है कि क्या प्रशासन को अब ऐसे लापरवाह लोगों पर केवल चालान तक सीमित न रहकर और अधिक सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए?

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन द्वारा यात्रा पर रोक के बावजूद नियमों का उल्लंघन करना और बिना सुरक्षा के सफर करना कानूनन अपराध है। आने वाले दिनों में ऐसी घुसपैठ रोकने के लिए नाकों पर और अधिक मुस्तैदी बरतने के संकेत दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।