शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर प्रदेश की सड़क अवसंरचना को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। इस बैठक में हिमाचल के लिए एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय मंत्री ने राज्य के सेब उत्पादक क्षेत्रों के लिए जीवनरेखा मानी जाने वाली छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-ओच्छघाट सड़क के सुधार के लिए केंद्रीय सड़क बुनियादी ढांचा कोष (CRIF) के तहत सैद्धांतिक रूप से 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सड़क के बनने से सिरमौर और शिमला जिला के सेब बागवानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में बड़ी राहत मिलेगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य में तेजी लाने और इसे सुरक्षित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों और भू-वैज्ञानिक संवेदनशीलता का हवाला देते हुए आग्रह किया कि शिमला से शालाघाट और भगेड़ से हमीरपुर के बीच पहाड़ियों को काटने के बजाय अधिक से अधिक सुरंगों (Tunnels) का निर्माण किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने पैकेज-4 के तहत चीलबाहल (हमीरपुर बाईपास) से भंगबार तक के फोरलेन निर्माण की डीपीआर प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग भी रखी।
सीएम सुक्खू ने पिछले मानसून में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुए एनएच-03 के चीलबाहल से पक्का भरोह खंड का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि पिछले 5-6 वर्षों से इस सड़क का सुदृढ़ीकरण नहीं हुआ है, जबकि यह धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। मुख्यमंत्री ने इस खंड की मरम्मत के लिए 38.37 करोड़ रुपये की मांग की और इसके रखरखाव का जिम्मा हिमाचल लोक निर्माण विभाग (NH विंग) को सौंपने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए 38.37 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दे दी और राज्य को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी मौजूद रहे।