सोलन: राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्वयंसेवक नामांकन अभियान एवं माई भारत पोर्टल जागरूकता कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान आयोजित पारदर्शी चयन प्रक्रिया के उपरांत 150 ऊर्जावान विद्यार्थियों का एनएसएस स्वयंसेवक के रूप में नामांकन किया गया। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी पहल को बढ़ावा देते हुए 70 से अधिक विद्यार्थियों ने मौके पर ही माई भारत पोर्टल पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुनीता गोयल द्वारा दीप प्रज्वलन और एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सतीश नेगी एवं डॉ. पी.डी. कौशल ने प्राचार्या व एनएसएस संरक्षक डॉ. सुनीता गोयल का स्वागत स्वयंसेवकों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पंकज चांडक एवं सुश्री हिमांशी गर्ग ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन एवं संयोजन डॉ. पंकज चांडक द्वारा किया गया, जबकि औपचारिक स्वागत भाषण सुश्री हिमांशी गर्ग ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के पूर्व एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. जगदेव चंद शर्मा एवं प्रो. पल्लवी को उनके द्वारा दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। डॉ. मालविका एवं डॉ. पी.डी. कौशल ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों पूर्व अधिकारियों ने अपने विचार साझा करते हुए छात्र-छात्राओं से जीवन में निःस्वार्थ समाज सेवा, कड़ा अनुशासन और कुशल नेतृत्व के गुणों को अपनाने का आह्वान किया।
माई भारत मेगा ट्रेनर के रूप में डॉ. पंकज चांडक ने विद्यार्थियों को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के ‘माई भारत’ पोर्टल की कार्यप्रणाली और फायदों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल देश के युवाओं को स्वयंसेवा, नेतृत्व विकास, कौशल संवर्धन, इंटर्नशिप, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, रक्तदान और स्वास्थ्य चेतना जैसे राष्ट्रीय अभियानों से जोड़ने का एक पारदर्शी व सशक्त डिजिटल मंच है। विद्यार्थी इस पर नियमित रूप से सक्रिय रहकर भविष्य के अनगिनत अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।
डॉ. चांडक ने आगे कहा कि एनएसएस केवल एक गतिविधि नहीं बल्कि छात्रों के संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र भक्ति की भावना जगाने का जरिया है। उन्होंने कैडेट्स को सात दिवसीय विशेष शिविर, प्री-आरडी (Pre-RD), राष्ट्रीय एकीकरण शिविर और एडवेंचर कैंप जैसे अवसरों की भी जानकारी दी।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्या एवं एनएसएस संरक्षक डॉ. सुनीता गोयल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल ध्येय वाक्य मैं नहीं, बल्कि आप हमें स्वार्थ से ऊपर उठकर निःस्वार्थ सेवा और मानवीय संवेदनाओं का पाठ सिखाता है। यदि आज का युवा अनुशासन और सेवा भावना से लैस होकर आगे बढ़े, तो वह समाज और राष्ट्र का कायकल्प कर सकता है।
उन्होंने सभी नव-नामांकित स्वयंसेवकों से माई भारत पोर्टल के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखारने और सामाजिक सरोकारों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर डॉ. आर.एल. भारद्वाज, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. मालविका, डॉ. सतीश नेगी, डॉ. पी.डी. कौशल, प्रो. सुदेश, पुस्तकालयाध्यक्ष सुश्री पूनम, विक्रांत, कृष्ण सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, गैर-शिक्षक कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी 150 नव-नामांकित स्वयंसेवकों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, रक्तदान और राष्ट्रहित के कार्यों में निरंतर योगदान देने की शपथ ली।