धाड़मा के सुरेंद्र सिंह बने गाँव के पहले अधिवक्ता, समाजसेवा को बताया जीवन का उद्देश्य

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By पंकज जयसवाल

नाहन : जिला सिरमौर की तहसील कमरऊ के गांव धाड़मा (पोस्ट ऑफिस शावगा) निवासी सुरेंद्र सिंह धर्मा ने इतिहास रचते हुए अपने गांव से पहले अधिवक्ता बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल है।

सुरेंद्र सिंह वर्तमान में भीम आर्मी भारत एकता मिशन से जुड़े एक सक्रिय समाजसेवी हैं और संगठन में भीम आर्मी लोकसभा शिमला प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उन्होंने अधिवक्ता बनने का श्रेय अपने माता-पिता के सहयोग, गुरुजनों के मार्गदर्शन, बहुजन महापुरुषों के विचारों और योगदान, तथा दोस्तों के हर पल मिलने वाले साथ को दिया है।

सुरेंद्र सिंह धर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी अकेली नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की मेहनत और आशीर्वाद का परिणाम है जिन्होंने कठिन समय में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि वे वकालत के माध्यम से समाज के कमजोर, वंचित और शोषित वर्गों को न्याय दिलाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि बहुजन महापुरुषों के संघर्ष और विचार उनके जीवन की प्रेरणा हैं और उन्हीं के मार्गदर्शन में वे अपने गांव और क्षेत्र से सामाजिक बदलाव की शुरुआत करना चाहते हैं।

धाड़मा गांव सहित आसपास के क्षेत्र में उनकी इस उपलब्धि को लेकर लोगों ने बधाइयाँ दीं और उम्मीद जताई कि वे अपनी शिक्षा और अनुभव से समाजहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।