नाहन: सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस समारोह पूरे हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। इस अवसर पर पुलिस उप-निरीक्षक अच्छर सिंह के नेतृत्व में पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस और विभिन्न स्कूलों की 16 टुकड़ियों ने एक शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। समारोह से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार की प्रतिमा और शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर प्रदेश के महान सपूतों और शहीदों को नमन किया।

अपने संबोधन में कुलदीप सिंह पठानिया ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया। उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए नए संसाधनों के सृजन पर बल दिया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले तीन वर्षों में राज्य को 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना’ को एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि हिमाचल देश का पहला राज्य है जिसने अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा दिया है। सरकार ऐसे लगभग 6,000 बच्चों की शिक्षा, स्टार्टअप और घर बनाने की पूरी जिम्मेदारी एक अभिभावक की तरह निभा रही है। उन्होंने हरित और श्वेत क्रांति के साथ-साथ प्रदेश के विकास में डॉ. परमार और पूर्व सरकारों के योगदान की भी सराहना की।
समारोह के समापन सत्र में स्कूली छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विधानसभा अध्यक्ष ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले 29 पुलिसकर्मियों, 3 वन विभाग के कर्मचारियों, रोटरी क्लब नाहन के अध्यक्ष मनीष जैन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रतिभागियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर नाहन के विधायक अजय सोलंकी, विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी और पूर्व विधायक अजय बहादुर सहित पंचायती राज संस्थाओं के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।