नाहन वासियों के लिए राहत की खबर: मुख्य पाइपलाइन की मरम्मत अंतिम चरण में

नाहन : जिला मुख्यालय नाहन में पीने के पानी की किल्लत और अधिक उग्र हो गई है। शहर के कुछ इलाकों में पिछले दो दिनों से तो कई क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी है, जिससे आम जनता का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों के घरों में जमा रखा पानी भी खत्म हो चुका है और पीने के पानी के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।

उल्लेखनीय है कि जल शक्ति विभाग ने 17 जुलाई को गिरी नदी से आने वाली मुख्य पाइपलाइन में आई खराबी के चलते वैकल्पिक दिनों में जलापूर्ति करने का शेड्यूल जारी किया था। उस वक्त विभाग ने दावा किया था कि खेरी और नेहरस्वार योजनाओं से अतिरिक्त पानी की सप्लाई देकर शहरवासियों को राहत दी जाएगी।

हालांकि, धरातल पर यह सारे दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। पानी न आने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवारों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। लोग महंगे दामों पर निजी टैंकर मंगवाने या दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। निवासियों की मांग है कि जब तक मरम्मत पूरी नहीं होती, प्रशासन व विभाग टैंकरों के माध्यम से पानी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करे।

पेयजल किल्लत पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जल शक्ति विभाग नाहन के एसडीओ रोशन लाल ने बताया कि मुख्य पाइपलाइन को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है और वे स्वयं विभागीय तकनीकी टीम के साथ दुर्गम जंगल क्षेत्र में मौके पर डटे हुए हैं।

उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा करने के बाद जब पाइपलाइन की टेस्टिंग (ट्रायल) की जा रही थी, उसी दौरान दबाव के कारण मुख्य वाल्व फट गया। इस अचानक आई तकनीकी बाधा के कारण काम में थोड़ा और समय लग रहा है।

SDO रोशन लाल ने बताया कि विभाग शहरवासियों को हो रही असुविधा को समझ रहा है, इसीलिए पूरी टीम ग्राउंड जीरो पर दिन-रात एक किए हुए है। उन्होंने कहा कि नए वाल्व और वैकल्पिक व्यवस्था का काम अंतिम चरण में है। यदि कोई और तकनीकी अड़चन नहीं आती है, तो देर रात तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद अगले दो दिनों तक टेस्टिंग कर पानी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।